Jaipur

राजस्थान सरकार के द्वारा बुधवार को ही विश्वविद्यालय के कुलपतियों को लेकर बिल में संशोधन किया गया है, उसके बाद राज्य सरकार के इस दिल का पहला शिकार जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति हो गए हैं।

जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति गुलाब सिंह चौहान ने खराब स्वास्थ्य और निजी कारणों का हवाला देते हुए बिल पास होने के दूसरे ही दिन पद से इस्तीफा दे दिया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार का पहला शिकार जोधपुर विश्वविद्यालय का कुलपति 1

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने बुधवार को ही विधानसभा में कुलपतियों को हटाने के लिए एक्ट में बड़े बदलाव किए थे, जिसके कारण राजस्थान के कुल 27 सरकारी विश्वविद्यालयों में से 19 विश्वविद्यालयों में नियुक्त कुलपतियों ने जबरदस्त खलबली मच गई है।

सरकार के इस बिल का सबसे पहला शिकार जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति गुलाब सिंह चौहान हुए हैं।

गौरतलब यह भी है कि बुधवार को हुए एक्ट संशोधन में राज्य सरकार ने राजस्थान के 27 में से 15 डिग्री यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों को जांच के दौरान ही सस्पेंड करने, बर्खास्त करने और उनके पर कतरने के लिए बदलाव किए हैं।

माना जा रहा है कि राज्य सरकार के इस संशोधित बिल के बाद राज्य के अन्य सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के भी इस्तीफे के सिलसिले शुरू हो जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के वर्तमान में जिन 19 विश्वविद्यालयों में कुलपति लगे हुए हैं, उनमें से अधिकांश को बीजेपी और आरएसएस के करीबी माना जाता है।