Mehbuba mufti bokhlai

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार को जमाते इस्लामी पर 5 साल तक प्रतिबंध के बाद से इस संगठन के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों (unlawful activities act) में शामिल होने के कारण लगातार कार्रवाई जारी है।

पुलिस ने श्रीनगर में जमाते इस्लामी (jamate islami) के 70 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान 52 करोड़ जब्त किए हैं। जानकारी के अनुसार जमाते इस्लामी के 200 से ज्यादा नेताओं को गिरफ्तार किए गए हैं।

इसके साथ ही जमाते इस्लामी के 400 स्कूल (school), 350 से ज्यादा मस्जिद (masjid) और 1000 सेमिनरी (seminary) हैं। इस संगठन पर आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने और उनको फंडिंग करने का आरोप है।

इससे पहले गुरूवार को ही राज्य प्रशासन की अनुशंसा और अवैध गतिविधियों में लिप्तता की रिपोर्ट्स के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा जमाते इस्लामी पर अगले 5 साल तक के लिए पाबंदी लगाई गई है।

उसके बाद शुक्रवार को भी श्रीनगर में जमाते इस्लामी संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आज भी इस संगठन के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की जा रही है।

प्रतिबंध लगाने के बाद जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विद्रोह रवैया अपना लिया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।

इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि सीमा पर नाटकबाजी खत्म हो गई है। इसके बाद बीजेपी के पास कोई धंधा बचा नहीं है, जिसके कारण इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि भारत के द्वारा कोई एयर स्ट्राइक (airstrike) नहीं की गई है। इसको लेकर महबूबा ने यह भी कहा है कि चाहे उसको देशद्रोही कह दो, लेकिन वह यही कहेंगी।