Jaipur

एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पूछा गया था कि रामलला के कोई वंशज हैं क्या? यानी श्री राम के वंशज कोई है तो सामने आए। इस पर कोर्ट में वकील ने कहा था कि ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो श्री राम का वंशज होने का दावा करता हो।

लेकिन शनिवार को जयपुर राजघराने ने कह दिया कि वह श्री राम के वंशज हैं और उसकी 307वीं पीढ़ी के वंशज महाराजा भवानी सिंह थे। 308वीं पीढ़ी के वंशज दिया कुमारी है, जो वर्तमान में राजसमंद से बीजेपी के सांसद है।

राम के वंशज आए सामने, कागजात भी कर दिए पेश 1

इतना ही नहीं दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि दुनिया भर में राम के वंशज हैं और उनका परिवार भी उनमें शामिल है। जो भगवान राम के बेटे कुश के वंश वाले हैं।

उन्होंने बताया कि इतिहास खुली किताब की तरह है। राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर जल्द से जल्द कोर्ट फैसला सुनाए।

राम के वंशज आए सामने, कागजात भी कर दिए पेश 2

इसके साथ ही राजघराने की पूर्व राज माता पद्मिनी देवी ने कहा है कि राम मंदिर पर जल्द समाधान होना चाहिए, क्योंकि कोर्ट में पूछा है कि भगवान राम के वंशज कहां है, इसलिए हम इस मामले में सामने आए हैं और हम बताते हैं कि हम उनके वंशज हैं।

इस बात के दस्तावेज सिटी पैलेस की पोथी खाने में पड़े हैं। हम नहीं चाहते हैं कि वंश का मुद्दा बाधा बने और राम सबकी आस्था के प्रतीक हैं, जहां पर जल्द से जल्द राम मंदिर बनना चाहिए।

राम के वंशज आए सामने, कागजात भी कर दिए पेश 3

आपको बता दें कि इतिहासकार भी राम जन्मस्थली पर जयपुर के कच्छावा वंश का मानते हैं। सिटी पैलेस के पौथी खाने में रखे 9 दस्तावेज और 2 नक्शे साबित करते हैं कि अयोध्या में जयसिंह पुरा और राम जन्म स्थान सवाई जयसिंह द्वितीय के अधीन थे।

इतिहासकार आर नाथ की किताब गजसिंहपुरा ऑफ सवाई राजा जयसिंह अयोध्या के अध्याय 2 के मुताबिक अयोध्या की राम जन्म स्थल मंदिर पर जयपुर के कच्छावा वंश का आधिपत्य था।

राम के वंशज आए सामने, कागजात भी कर दिए पेश 4

यह बात भी सामने आई है कि सवाई जयसिंह ने 1717 में अयोध्या में राम जन्म स्थान पर भव्य मंदिर बनवाया था। 1776 में नवाब वजीर आसफ उद दौला ने राजा भवानी सिंह को हुक्म दिया था कि अयोध्या और इलाहाबाद स्थित जयसिंह पुरा में कोई दखल नहीं दिया जाए, यह सभी चीजें हमेशा कच्छावा वंश के अधिकार में रहेंगी।

मुगल शासक औरंगजेब की मौत के बाद जयपुर के राजा सवाई जयसिंह बेटे ने हिंदू धार्मिक स्थलों में बड़ी-बड़ी जमीनें खरीदी थी। सन 1717 से 1725 तक अयोध्या में राम जन्म स्थान मंदिर बनवाया गया था।

आपको बता दें कि जयपुर राजघराना हमेशा से दावा करता आया है कि वह श्री राम के वंशज हैं और इसको लेकर एक पूरी पोथी सामने पड़ी हुई है।

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सिटी पैलेस की ओर सिटी रामू रामदेव के मुताबिक कच्छावा वंश को भगवान राम के बड़े बेटे उसके नाम से कुशवाहा वंश भी कहा जाता है। जिस की वंशावली के अनुसार 62वे वंशज राजा दशरथ, 63वें श्री राम, 64 वे वंशज थे।

289वें वंशज आमेर जयपुर के सवाई जय सिंह, ईश्वरी और सवाई माधव सिंह और पृथ्वी सिंह रहे। भवानी जय भवानी सिंह 307वें वंशज थे, जबकि दिया कुमारी 308वीं वंशज हैं।