gang rape in rajasthan

जयपुर।
कहते हैं ‘रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था’, कुछ ऐसा ही राजस्थान में हुआ है! लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश की बेटियों का ‘वैभव’ लुटता रहा और राज्य के मुखिया अशोक गहलोत जोधपुर में ‘अपना वैभव’ बचाते रहे।

बीते एक पखवाड़े से जिस तरह से रेप, बलात्कार, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और हत्याओं के मामले सामने आ रहे हैं, उससे राज्य की नई नवेली सरकार की कलई खोलकर रख दी है। विपक्ष का आरोप है​ कि प्रदेश के मुखिया गहलोत एक माह तक अपने बेटे को चुनाव जिताने में लगे रहे और प्रदेश की इज्तत लुट गई।

विपक्ष का यह आरोप कहीं न कहीं तब सच साबित होता है, जब बीते एक माह की घटनाओं के आंकड़ों पर नजर दौड़ाते हैं। इस दौरान सरकार तो सो ही रही थी, बल्कि जिस राजस्थान पुलिस के जिम्मे प्रदेश की रक्षा और सुरक्षा का जिम्मा है, वह भी पूरी तरह से नाकारा निकली।

चुनाव का सहारा लेकर न केवल केस दर्ज नहीं किए, वरन थानागाजी में हुई गैंगरेप और वीडियो बनाकर वायरल करने जैसी खौफनाक घटना को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। इसमें पुलिस का इकबाल को हारा ही है, साथ ही राज्य सरकार का नाकारापन भी खुलकर सामने आ गया है।

आंकड़ों की बात की जाए तो पिछले एक महीनें में राज्य में गैंगरेप के ही 12 बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें बहन—बेटियों के साथ कई दरिंदों ने एक साथ दरिंदगी की है, लेकिन राजस्थान सरकार और उसकी पुलिस टीम नाकामी का आलम यह है कि केवल 3 मामलों में ही कार्रवाई हुई है।

इतना ही नहीं बीते एक माह के दौरान प्रदेश में 40 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें महिलाओं की इज्तत तार—तार हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब अपने बेटे के लिए प्रचार करन ‘वैभव’ बचाने में लगे थे, तब थानागाजी में एक महिला की जिंदगी का ‘वैभव’ ही लुट रहा था।

गंभीर बात यह है कि प्रदेश में पहले चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने वाला था, इसलिए पुलिस ने गैंगरेप की घटना में एफआईआर भी दर्ज नहीं की। हनुमान बेनीवाल और पूर्व आईपीएस पंकज चौधरी का दावा है कि इस तरह गैंगरेप के मामले, जो एसपी तक पहुंचते हैं, वो डीजीपी तक भी ध्यान में होते हैं।

इसके साथ ही बेनीवाल और चौधरी ने तो बकायदा इस मामले की गंभीरत को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस्तीफा देने की मांग की है।

सबसे बड़ी बात यह है कि गैंगरेप, रेप, दुष्कर्म, बलात्कार और अपहरण की सबसे ज्यादा घटनाएं प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री अशोक गहलोत के गृह राज्य में हुई हैं।

यह बीते एक माह के गैंगरेप के मामलों की बानगी—

12 अप्रैल को बाड़मेर में एक एएनएम के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। लेकिन चुनाव के चलते इसको दबा दिया गया और मुकदमा ही दर्ज नहीं किया गया।

12 गुजरात की अजमेर घूमने आई एक महिला को रात में आटो वाला रामगंज में अपने घर ले गया और गैंगरेप किया। इस मामले में 8 दरिंदों पर कार्रवाई नहीं हुई।

18 अप्रैल को नोखा में पांचू थाना इलाके में 18 वर्ष की एक लड़की को चाकू दिखाकर उठा ले गए ओर गैंगरेप कर ड़ाला।

19 अप्रैल को नागौर की एक गौशाला के मालिक पर रेप का मामाल दर्ज हुआ। बताया गया है कि दुष्कर्म के कारण पीड़िता ने सुसाइड करने का प्रयास किया और वीडियो वायरल हो गया।

26 अप्रैल को अलवर के थानागाजी में एक विवाहिता का उसके पति के सामने पांच दरिंदो ने गैंगरेप का उसके 11 वीडियो वायरल किए दिए, तब 6 दिन बाद मामला दर्ज हुआ और 6 मई को चुनाव निपटने के बा राज्य सरकार को होश आया।

29 अप्रैल को जैसलमेर के ही नोख में घरवाले वोट देने गए हुए थे और पीछे से एक 14 साल की नाबालिग से दरिंदों ने गैंगरेप कर डाला।

अप्रैल में ही दौसा जिले में एक महज 7 साल की बच्ची को टॉफी देने के नाम पर ले जाकर दुष्कर्म कर डाला।

1 मई को ही चित्तौड़गढ़ में एक महज 5 साल की मासूम बच्ची से झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म कर ड़ाला।

1 मई को जोधपुर में बोरानाडज्ञ में 25 अप्रैल को 16 वर्ष की एक किशोरी को उठा ले गए और सुनसान इलाके में उसके साथ बलात्कार कर रात को पटक गए।

2 मई को ही जोधपुर के बोरानाडा में ही विवाहिता से दुष्कर्म किया, उसकी बेटी से छेड़छाड़ की और बेटे का धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया।

7 मई को सीकर में रात को छत पर सो रही एक नव विवाहिता से उसी मकान में रंग रोगन करने वालों ने रात को गैंगरेप कर डाला।

7 मई को ही जोधपुर में करवड़ इलाके में एक नाबालिग का घर से भगाकर ले गए और उसका देह शोषण किया गया।

7 मई को बगरू थाना क्षेत्र में छीतरोली में 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया।

7 मई को ही जयपुर की युवती, जो पुष्कर घूमने गई थी, उसके साथ गाइड ने ही होटल में ले जाकर बलात्कार किया।

7 मई को नागौर जिले के मकराना क्षेत्र में कूकड़ोद में गैस का कनेक्शन लेने गई महिला के घर पहुंचकर 2 युवकों ने गैंगरेप किया। इसका वीडियो भी बनाया गया और वायरल करने के बाद इसका खुलासा हुआ।

9 मई को नोखा तहसील में शौच करने के बाद वापस लौट रही एक विवाहिता को दरिंदे उठा ले गए और उसके साथ सामुहिक बलात्कार कर डाला। उसके साथ कई शहरों में 4 दिन तक गैंगरेप कर पिता के घर पर पटक गए।

10 मई को बाड़मेर जिले के कवास क्षेत्र में चोखाला की रहने वाली 15 वर्ष की एक नाबालिग के साथ अपहरण कर अहमदाबाद ले जाया गया, लेकिन पुलिस ने मामला ही दर्ज नहीं किया।

10 मइ को श्रीगंगानगर में स्कूल की गाड़ी चलाने वाले ने ही 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया, बच्ची ने स्कूल जाने से मना किया, तब मामला सामने आया।

10 मई को मामला दर्ज हुआ कि एक 16 साल की लड़की को 2 जनों ने पांच माह तक अलग अलग शहरों में घुमाया और उसका सामुहिक बलात्कार किया गया। इसका मामला ही पांच माह बाद दर्ज हुआ है।

10 मई को गहलोत के जोधपुर में रातानाड़ा में एक महिला के साथ एक व्यक्ति ने बलात्कार कर डाला। पुलिस ने मामला ही दर्ज नहीं किया।

11 मई को महज 12 साल की बच्ची से उसके 55 वर्षीय पिता ने दुष्कर्म करने का प्रयास किया, मामला दर्ज किया गया है।