Jaipur

संसद के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बिल पास होने के बाद धारा 370 और अनुच्छेद 35A निष्प्रभावी हो गया।

उसके बाद अब जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख अलग से केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं। जम्मू कश्मीर दिल्ली की तरह विधानसभा युक्त होगा, जबकि लद्दाख ने विधानसभा नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां पर पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए केंद्र सरकार ने अमलीजामा पहनाना भी शुरू कर दिया है।

तमिलनाडु कैडर के आईपीएस विजय कुमार 2012 में रिटायर हो गए थे। आईपीएस के पद पर उनका कैरियर 1975 से लेकर 2012 तक रहा।

15 सितम्बर 1952 में जन्मे आईपीएस विजय कुमार तब सुर्खियों में आये, जब 2004 के दौरान कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराया था।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्यपाल हो सकते हैं विजय कुमार 1

साल 2012 में रिटायर होने से पहले विजय कुमार तमिलनाडु के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का चुके हैं। इसके साथ ही डीजी और सीआरपीएफ में डीजी भी रहे हैं।

उनके रिटायर होने के बाद स्पेशल फोर्सेज के तहत आईपीएस विजय कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने गृह मंत्रालय में लगाया था।

उनको 2018 में जम्मू कश्मीर के वर्तमान राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अनुशंसा पर विशेष ऑफिसर के तहत जम्मू कश्मीर में तैनात ही किया गया था।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सुरक्षा सलाहकार रहे विजय कुमार गृह मंत्रालय में वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं।