-80 IPS अफसरों को पछाड़ ऋषि कुमार शुक्ला बने सीबीआई के मुखिया।

नई दिल्ली।

लम्बे विवादों सुप्रीम कोर्ट की झिड़की के बाद आखिरकार शनिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को नया मुखिया मिल ही गया।

आज मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी का निदेशक नियुक्त किया गया। शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर में 1983 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं।

खास बात है कि सीबीआई डायरेक्टर की दौड़ में उन्होंने करीब 80 आईपीएस अफसरों को पछाड़ा है, जिनमें आईपीएस जावीद अहमद, आईपीएस रजनीकांत मिश्रा और आईपीएस एसएस देसवाल जैसे अफसर भी तगड़े दावेदार थे।

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि 1983 से 1985 बैच के 80 योग्य अफसरों में से सबसे पहले 30 आईपीएस अफसर छांटे गए। फिर उन 30 में से 5 श्रेष्ठ अफसरों को शॉर्टलिस्ट किया गया।

जिनमें आईपीएस शुक्ला के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स प्रमुख आरआर भटनागर (1984 यूपी), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के मुखिया सुदीप लखाटिया (1984 यूपी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंसेज के डायरेक्टर जावीद अहमद (1985 यूपी) और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट चीफ एपी महेश्वरी (1984 यूपी) के नाम थे।

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट ने सीबीआई डायरेक्टर जॉइनिंग कमेटी ने आईपीएस ऋषि शुक्ला की नियुक्ति को मंजूरी दी है। 2 फरवरी 2019, यानी आज ही इसके लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है।

इसके मुताबिक दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट एक्ट, 1946 की धारा 4-A (1) के तहत गठित चयन समिति ने आईपीएस अधिकारी ऋषि कुमार शुक्ला की नाम की सिफारिश की थी।

केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इसे मंजूर कर दिया है। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने के बाद से 2 साल तक के लिए हुई है। बता दें कि पिछले दिनों तत्कालीन सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और डिप्टी डायरेक्टर अस्थाना के बीच विवाद पर उन दोनों को जरूरी छुट्टियों पर भेज दिया गया था।

इसको लेकर आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट चले गए, जहां तीन जजों की बेंच ने सरकार के इस आदेश को गलत करार दिया। किन्तु अगले ही दिन केंद्र सरकार ने उनको नियमित तौर ही ही हटा दिया। वर्मा 31 जनवरी को रिटायर हो गए हैं।