5 march bharat band

जयपुर।
इलाहबाद हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए 13 पॉइंट रोस्टर के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो बार मुहर लगाने वाले के खिलाफ एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग में भारी रोष है। इसी गुस्से को लेकर 5 मार्च को भारत बंद की तैयारी की जा रही है।

केंद्र सरकार को इंटेलिजेंस एजेंसियों के द्वारा इसकी जानकारी भी पहुंच चुकी है। जिसके बाद एक बार फिर से अध्यादेश लाने की संभावनाओं पर विचार शुरू हो चुका है, जिसकी ये वर्ग मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया के माध्यम से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के युवाओं द्वारा इस बंद के समर्थन में पोस्ट, कमेंट्स और फोटोज वायरल किए जा रहे हैं। यहां तक कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के सांसद और विधायकों से भी सवाल पूछे जा रहे हैं।

इसको लेकर बीजेपी कार्यालय में जब नेशनल दुनिया ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर से बात करनी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

आपको बता दें कि राज्य में प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावडेकर ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचाार याचिका दाखिल करेंगे, लेकिन शीर्ष अदालत के द्वारा बुधवार को केंद्र सरकार और यूजीसी की याचिकाओं को को खारिज कर दिया है।

अब ये तीनों वर्ग केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि तीन तलाक बिल व एससी-एसटी एक्ट की तरह से अध्यादेश लाएं और कानून बनाएं। इन वर्गों के अभ्यर्थियों का कहना है कि 13 पॉइंट रोस्टर लागू होने से उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाल शिक्षक भर्ती में उनको मिले वाला आरक्षण का लाभ करीब करीब खत्म हो गया है।

बहरहाल, सोशल मीडिया पर एजेंसियों ने नजर बना रखी है, लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है, उससे साफतौर पर कहा जा सकता है कि अगले 4 दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

यह है 13 पॉइंट रोस्टर का मामला

अप्रेल 2017 में इलाहबाद हाईकोर्ट ने यूजीसी से फंडेड उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षक भर्ती के वक्त संस्था के बजाए विभाग को यूनिट मानकर आरक्षण का लाभ दिया जाए।

पहले 200 पॉइंट रोस्टर प्रणाली थी, जिससे चौथे, सातवें और 13वें पद पर इन तीन वर्गों के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिल जाता था, लेकिन 13 पॉइंट रोस्टर के चलते इसका लाभ मिलना लगभलग नामुनमिन हो गया है।

इसी 13 पॉइंट रोस्टर की जगह 200 पॉइंट लागू करने के लिए भारत बंद की मांग की जा रही है। देखना दिलचस्प होगा क्या केंद्र सरकार अध्यादेश लाएगी, या भारत बंद का रिएक्शन देखा जाएगा।

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।