13 point roster protest in university of rajasthan
13 point roster protest in university of rajasthan

Jaipur news

अप्रैल 2017 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले के बाद देशभर की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अनुदानित संस्थाओं में 200 पॉइंट रोस्टर की जगह लागू हुए 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ अध्यादेश (ordinance) लाने की मांग को लेकर आज देशव्यापी (All India) धरने प्रदर्शन किए गए।

देशभर के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय (All central university) के अलावा राज्यों के अन्य विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में भी धरने और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जो यूजीसी (UGC) के द्वारा अनुदानित (Funded) हैं।

इन प्रदर्शनों में न केवल छात्र-छात्राएं (Students) शामिल थीं, बल्कि विश्वविद्यालयों के शिक्षक (Teachers) भी खुलकर सामने आए। राजस्थान के सबसे बड़े और पुराने विश्वविद्यालय में भी दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक के लिए धरना दिया गया, कई शिक्षकों द्वारा कक्षाओं का बहिष्कार किया गया।

13 के बजाए 200 पॉइंट रोस्टर के लिए Universities में धरने-प्रदर्शन, अध्यादेश लाएगी सरकार? 1

जानकारी के मुताबिक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के अलावा जम्मू के केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ), इलाहाबाद विश्वविद्यालय हैदराबाद (CUH) की केंद्रीय यूनिवर्सिटी, राजस्थान का केंद्रीय विश्वविद्यालय अजमेर (CURAJ), हरियाणा के केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUH) के अलावा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भी छात्र-छात्राओं के द्वारा और शिक्षकों के द्वारा धरना देकर 13 पॉइंट रोस्टर का जबरदस्त विरोध किया गया।

सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले केंद्र सरकार 13 प्वाइंट रोस्टर को खत्म करने के लिए अध्यादेश लेकर आए।

आपको बता दें कि 5 दिन पहले देश की शीर्ष अदालत द्वारा पिछले साल दिए गए अपने ही पुराने को जारी रखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

विरोध कर रहे एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि 13 प्वाइंट रोस्टर लागू होने से सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बहुजन समाज वर्ग के लिए आरक्षण के द्वारा शिक्षक भर्ती के रास्ते बंद हो गए हैं।

इस मामले को लेकर विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जदयू के नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट करके केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कहा है कि कुल नौकरियों की 90% सीटों पर बहुजन समाज वर्ग (SC, ST, OBC) का अधिकार है।

इधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने फिर कहा है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा विभाग एक इकाई मानते हुए 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने संबंधी निर्णय को अप्रभावी करने के लिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए।

केंद्रीय सरकार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज किए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गहरी चिंता व्यक्त की है। परिषद आरक्षित वर्ग के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सरकार से विभाग एक इकाई, 13 प्वाइंट रोस्टर के विरूद्ध तथा विश्वविद्यालय एक इकाई, 200 प्वाइंट रोस्टर के समर्थन में अध्यादेश लाने की मांग करती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चौहान ने कहा कि, “आम जनमानस में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभाग एक इकाई मानते हुए 13 प्वाइंट रोस्टर को लागू करने के निर्णय से निराशा है।”

उन्होंने कहा कि “शैक्षिक संस्थानों में आरक्षित वर्गों को उचित सहभागिता मिल सके इसके लिए विश्वविद्यालय एक इकाई मानते हुए 200 प्वाइंट रोस्टर लाया जाना आवश्यक है। हमारा मत है कि पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण के हित में केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाना ही एकमात्र कदम है।” प्रदेश प्रान्त मंत्री हुश्यार सिंह मीणा ने कहा है कि ABVP 200 पॉइन्ट रोस्टर का समर्थन करती है।

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।