जयपुर।
हनुमान बेनीवाल नागौर के सांसद हैं। किंतु एक मंत्री की तरह पूरे राजस्थान ही नहीं, बल्कि ​बड़े मुद्दों पर देशभर की आवाज उठा रहे हैं। उनका जलवा विधानसभा की तरह लोकसभा में बरकरार है।

अब तक संसद में हनुमान बेनीवाल चार बार बोल चुके हैं। हर बार उन्होंने मुद्दों को सटीक तरीके से उठाया है। हर बार बेनीवाल ने अपनी पुरानी छवि को दिखाने में कामयाबी पाई है। हमेशा किसानों, जवानों की बात करने वाले बेनीवाल संसद में उसी रंगत में नजर आ रहे हैं।

एक पार्टी के प्रतिनिध के तौर पर उनको बोलने का मौका भी ज्यादा मिल रहा है, तो एनडीए का हिस्सा होने के कारण हनुमान बेनीवाल के पास बहुत कुछ करने का अवसर है।

इस अवसर को हनुमान बेनीवाल भुनाने का भरकस प्रयास भी कर रहे हैं। चाहे लोकसभाध्यक्ष बनने पर बधाई देने का समय हो, या राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने वक्त हो, शून्यकाल में बोलने मौका हो, या फिर होम्योपैथी संसोधन बिल पर बोलने का अवसर हो, हर बार बेनीवाल ने पूरी इमानदारी से अवसर को भुनाया है।

गौरतलब है कि विधानसभा में भी मौका मिलते ही बेनीवाल किसानों, जवानों के लिए हमेशा खड़े रहे। कई बार उनकी सत्तापक्ष और विधानसभाध्यक्ष के साथ तकरार भी हुई, किंतु हर बार उन्होंने अपनी जिद के कारण सफलता पाई।

पहला वर्ष और संसद का पहला सत्र है, किंतु कहीं भी यह नहीं लग रहा है कि वह पहली बार सांसद बनकर संसद पहुंचे हैं। विषय की पकड़, उसका अध्ययन और बोलने की कला ने बेनीवाल को सफल सांसद बनाने की ​उम्मीद जगा दी है।