नई दिल्ली।
अगर आप भी अन्य लोगों की तरह शराब के नशे में गाड़ी चलाते हैं तो यह अब आपको भारी पड़ सकता है। नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर आपके उपर भी 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव समेत कई बड़े फैसले किए हैं, जिनमें वाहन चालक पर 20 गुणा तक जुर्माना लगाना सबसे बड़ निर्णय है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के मामले में भी बड़े परिवर्तन किए हैं।

जानकारी के अनुसार मोदी सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को ही इन सभी फैसलों को लागू भी कर दिया है। अब संसद में यह संसोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जो पास होने पर कानून बन जाएगा।

आइए जानते हैं और क्या क्या परिवर्तन किए गए हैं—

लाइसेंस बनवाने के लिए अब 30 से कम उम्र के लोगों के लिए 40 साल की आयु तक एक ही बार में लाइसेंस बनेगा।

30 से 50 साल की उम्र के लोगों के लिए लाइसेंस की वैधता 10 साल तक होगी। इसके बाद उसको फिर से रिन्यु, यानी उसका नवीनीकरण करवाना जरूरी होगा।

50 साल से लेकर 55 साल का कोई व्यक्ति अगर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाता है तो उसको 60 साल की उम्र तक का लाइसेंस दिया जाएगा।

अभी की बात की जाए, तो ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 20 साल तक होती है, किंतु अब से ये नये नियम लागू होंगे।

इनके अलावा कुछ और बदलाव भी मोदी सरकार ने किये हैं। आइए जानते हैं क्या हैं नये नियम—

नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और सभी शहरी सड़कों की इलेक्ट्रोनिक मशीनों के द्वारा निगरानी करने की ​जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी।

थर्ड पार्टी में किसी की मृत्यु होने पर कम से कम 10 लाख रुपये और घायल को 5 लाख रुपये क्लेम मिलेगा।

ड्राइविंग लाइसेंस, नेशनल या स्टेट परमिट, वाहनों का पंजीकरण, उनको किसी भी तरह का जुर्माना देना, लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के पते में बदलाव करना जैसी सभी जरूरी चीजें इनटरनेट के द्वारा हो सकेगी।

किसी भी एक्सीडेंट में किसी घायल या मृतक की मदद करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों पर अब किसी भी तरह के दीवानी या आपराधिक मामले में कार्रवाई नहीं होगी।

मोटर वाहन के रख रखाव और निर्माण में लापरवाही बरतने वालों पर 100 करोड़ रुपयों को हर्जाना या एक साल तक की सजा अथवा दोनों हो सकती है।

अब से सभी ड्राइविंग लाइसेंस आधार कार्ड से जुड़ेंगे, जिससे फर्जीवाड़ा बंद हो सकेगा।

देश के सभी एग्रीगेटर्स को अब केंद्र के बजाए राज्य सरकारें लाइसेंस देगी, जबकि उनको आईटी एक्ट में लाया जाएगा।

यदि किसी के वाहन में खराबी पाई जाती है तो केंद्र सरकार को वाहन री—कॉल करने का अधिकार होगा, वाहन निर्माता कंपनी को पूरी कीमत चुकानी होगी।