Lok sabha electoin 2019 (3)
Lok sabha electoin 2019 (3)

जयपुर।

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर राजस्थान में हुए पहले चरण में 13 सीटों के मतदान ने भाजपा के लिए खुशखबरी दी है। सटोरियों ने भाजपा को सभी 13 सीटों पर जीत का दावा किया है। अब बची हुई 12 सीटों पर भी भाजपा को बहुमत की तरफ दिखाया जा रहा है, जो कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

बताया जा रहा है कि अगर कांग्रेस पार्टी की यही हालत रही तो अपने किले बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। वैसे तो कांग्रेस पार्टी 2014 में अपने सभी गढ़ और किलों को हार चुकी है, लेकिन तब मोदी की प्रचंड़ लहर थी, जिसमें मतदाताओं को कमल के फूल के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था।

जिन 13 सीटों पर मतदान हुआ है, वहां के आंकलन के आधार पर सटोरियों ने भाजपा की जीत का दावा किया है। यहां तक की फलौदी के सट्टा बाजार ने कांग्रेस को जोधपुर सीट पर भी बुरी तरह हारने का अनुमान लगाया है।

इसी तरह से बारां—झालावाड़, अजमेर, पाली, राजसमंद, बाड़मेर, बांसवाड़ा, टोंक—सवाईमाधोपुर में भी कांग्रेस हारती हुई दिखाई है। सटोरियों के अनुमानों के बाद कांग्रेस ने नए सिरे से आंकलन किया है, लेकिन 6 मई को होने वाले दूसरे चरण में भी कांग्रेस को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

नागौर की सीट पर कांग्रेस खुद कांटे का मुकाबला बता रही है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जब राजस्थन के धौलपुर, चूरू और जयपुर के विरोटनगर में तीन जगह सभाएं कीं, तो लोगों की संख्या कम होने से कारण कांग्रेस नेताओं में फिर से बैचेनी दिखने लगी है।

राजस्थान में कांग्रेस के नेताओं और यहां तक की कैबिनेट मंत्रियों के सामने ही मोदी—मोदी के नारे लगने के बाद यह बिलकुल साफ हो गया है कि राज्य में एक बार फिर से मोदी की लहर दिखाई दे रही है।

वैसे सियासी पंड़ितों की मानें तो अगर कांग्रेस पार्टी जोधपुर और बाड़मेर की सीट हारती हो तो पार्टी को इस बार भी 2014 की भांति राजस्थान में एक भी सीट नहीं मिलेगी। बहरहाल, कांग्रेस अब भी उम्मीद का दामन थामे हुए है, तो भाजपा पूरी तरह से मोदी के करिश्मे पर निर्भर है।