jaipur
राजस्थान में एक सीनियर आईएएस अधिकारी ने बिना सरकारी अनुमति के 2500 पदों पर भर्ती निकाल दी। मजेदार बात यह है कि इस भर्ती के पेपर भी 2 से ढाई लाख रुपए में बेचे गए।

आज जब परीक्षा देने का वक्त आया तो मामला खुल गया और आईएएस अधिकारी डॉ. समित शर्मा ने अपने उच्च अधिकारी से माफी मांगते हुए प्रकरण को रफा—दफा कर​ दिया।

मामला राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग का है। यहां पर नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने ​सरकार से अनुमति लिए बिना ही हैल्थ अफसरों के 2500 पदों पर भर्ती निकाल दी। इसके लिए आज परीक्षा होनी थी।

इन 2500 पदों के लिए प्रदेशभर से करीब 30 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। कई आवेदकों ने सीधे मंत्री डॉ. रघु शर्मा से बोलकर आरोप लगाए हैं कि पेपर देने और पास करने के लिए उनसे 2 से ढाई लाख रुपए लिए गए हैं।

हालांकि, जिम्मेदार डॉ. समित शर्मा ने कहा है कि उन्होंने किसी से पैसे ​नहीं लिए, किंतु उन्होंने यह भी कहा कि बिना अनुमति के ही उन्होंने यह भर्ती निकाली थी।

जब प्रकरण खुल गया, तो डॉ. समित शर्मा ने तुरंत अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित सिंह से माफी मांग ली। खास बात यह है कि सरकार अभी तक इस गंभीर और करोड़ों रुपए हड़पने वाले प्रकरण को लेकर मौन साधे बैठी है।

चिकित्सा विभाग के सूत्रों का दावा है​ कि खुद डॉ. समित शर्मा के कहने पर ही नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदकों से जमकर पैसा वसूला है, जबकि विभाग ने एक्शन दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारी अशोक भंड़ारी को निलंबित कर इतिश्री कर ली है।

इससे पहले एसएमएस अस्पताल की लाइफ लाइन में आग लगने के मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद भी उपाधीक्षक डॉ. एसएस राणावत और डॉ. प्रभात सराफ पहले से बिना कार्यवाही के मजे से घूम रहे हैं।

इस मामले में भी मीडिया से बात करते हुए खुद डॉ. समित शर्मा ने कहा था कि दोषियों के नाम उजागर करने के लिए मंत्री ने कहा है। किंतु कार्यवाही करने के बजाए सिस्टम को सुधारने की बात कहकर डॉ. समित शर्मा सवालों के घेरे में आ गए थे।

अब उनके खुद के खिलाफ आरोप लगने के कारण मिलीभगत के खेल की संभावना प्रबल होती जा रही है। खास बात यह है कि जिस विभाग में इतने बड़े घपले को अंजाम दिया जा रहा था, उसके मंत्री भी चुप बैठे हैं।

डॉक्टर्स की जमात में यह मामला बेहद चर्चा का विषय बन गया है। डॉक्टर्स की तरफ से सोशल मीडिया पर मैसेज चल रहा है कि जो अधिकारी छोटे अधिकारियों पर इमानदार होने का रौब झाड़ता था, वह खुद बड़ा भ्रष्टाचारी निकला है।

इधर, पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने सरकार पर हमला बोलते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान इसको सदन में भी पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।