नई दिल्ली।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि पहले वह राजस्थान के जवानों-किसानों के लिए लड़ता था, अब देश के जवानों-किसानों के लिए लड़ूंगा।

दिल्ली में पत्रकारों के साथ तक बात करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रदेश के जवानों किसानों और गरीब के लिए काम करना नहीं छोड़ा है, आगे भी यह काम करते रहेंगे।

लेकिन अब उनके ऊपर राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश के जवानों और किसानों की जिम्मेदारी है, जिसका वह निर्वहन करेंगे।

जाट और राजपूत को लेकर किए गए सवाल पर हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पहली बार उन्होंने जाट और राजपूत समाज के बीच में खाई को पाटने का प्रयास किया है जो सफल रहा है।

जिन लोकसभा क्षेत्रों में राजपूत समाज के उम्मीदवार खड़े थे, वहां पर 80% से ज्यादा जाटों ने उनको वोट दिया है और जहां पर खुद खड़े थे नागौर में वहां पर बड़े पैमाने पर राजपूतों ने उनके पक्ष में वोट किया है।

उन्होंने कहा कि वह सभी 36 कोम के काम करते हैं और सभी जातियों और धर्मों के लोगों ने उनको जिताने का काम किया है, इसलिए वह किसी एक समाज के नेता नहीं हो सकते।

मंत्री बनाए जाने के सवाल को लेकर हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान के प्रदेश प्रभारी होने के नाते प्रकाश जावड़ेकर ने ही उनका बीजेपी के साथ गठबंधन कराने का काम किया था, इसलिए प्रकाश जावड़ेकर के साथ उनकी मुलाकात होती रहती है और आज भी वह उनसे मिले हैं।

मंत्री बनने के बारे में उन्होंने कहा कि यह सारा काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय पर है, जिसको चाहेंगे उसको बनाएंगे, जिसको चाहेंगे, उसे नहीं बनाएंगे।

लेकिन यदि वह मंत्री नहीं बनते हैं, तो भी प्रदेश के जवानों के लिए किसानों के लिए काम करते रहेंगे।