सैकड़ों सीटें खाली, विवि नहीं दे रहा एडमिशन

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

जयपुर।

राजस्थान विश्वविद्यालय के चारों बड़े संघटक कॉलेजों में सैकड़ों सीटें रिक्त पड़ी हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन एडमिशन में देरी का बहाना बनाकर विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दे रहा है।

सैकड़ों छात्र-छात्राओं के फार्म चैक कर दिए गए थे, लेकिन छात्रसंघ चुनाव के चलते एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया गया। कॉलेजोें ने छात्रों को चुनाव के बाद प्रवेश देने का वादा किया, किंतु अब एडमिशन देने में आनाकानी कर रहे हैं।

छात्रनेता अमित कुमार बड़बड़वाल ने बताया कि हर छात्रसंघ चुनाव की व्यवस्था करने के चलते विवि प्रशासन के कर्मचारी यहां व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में प्रवेश कार्य ठप हो जाता है।

कटआॅफ सूची में नाम होने के बावजूद योग्य छात्रों को एडमिशन से महरुम रखकर विवि प्रशासन द्वारा मताधिकार के प्रयोग से वंचित कर दिया जाता है।

लॉ कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया छात्रसंघ चुनाव के बाद भी चल रही है। कहा जा रहा है कि बीसीआई से मान्यता देरी से मिलने के कारण यह प्रक्रिया जारी है।

कॉलेजों में एडमिशन देरी की बात करने वाले विवि में ही डिप्लोमा कोर्स की सीटें रिक्त होने के कारण छात्रों को नोटिस और फोन कर बुलाया जा रहा है।

पीजी डिप्लोमा इन क्रिमिनोलॉजी, लेबर लॉ और टैक्सेशन में चार लिस्ट निकाली जा चुकी है। यहां पर क्रमश: 60, 180 और 60 सीटें हैं। नोटिस देने के बाद भी यहां पर 38, 9 और 23 सीटें रिक्त रह गई हैं।

एक ही विवि के दो कॉलेजों में दो तरह से व्यवहार से जहां छात्र परेशान हो रहे हैं, वहीं प्रशासन की नाकामी भी उजागर कर रहा है।

इस तरह की प्रक्रिया हर साल होती है। बीते 6-7 साल से यह ट्रेंड ही बन गया है कि छात्रसंघ चुनाव से पहले जो एडमिशन हो जाते हैं, उन्हीं का होता है।

चुनाव के बाद प्रवेश प्रक्रिया को फिर से शुरू ही नहीं किया जाता है। इसके चलते कटआॅफ लिस्ट में नाम आने के बावजूद सैकड़ों छात्र एडमिशन से वंचित रह जाते हैं, उनको मजबूरन प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन लेना पड़ता है।

सुरेश महरिया ने राजस्थान कॉलेज में एडमिशन के लिए फार्म भरा। उसका फार्म 14 अगस्त को जांच भी लिया गया।

तभी चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई और उसको इलेक्शन के बाद आने को कहा गया, लेकिन अब कॉलेज ने देरी का बहाना बनाकर एडमिशन देने से इनकार कर दिया है।

इसी तरह का मामला जितेंद्र चौधरी का है। यह दो केवल उदाहरण हैं, कॉलेज में ऐसे सैकड़ों छात्र विवि और महाविद्यालयों के बीच एडमिशन के लिए फुटबॉल बने हुए हैं।

यहां इतनी सीटें रिक्त—

राजस्थान कॉलेज 262
महारानी कॉलेज 250
कॉमर्स कॉलेज 150
महाराजा कॉलेज 22