gajendra singh shekhawat vaibhav gehlot
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जयपुर
यह लोकसभा सीट है राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संसदीय क्षेत्र जोधपुर। यहां की जनता का रुख कुछ भी हो, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि यहां पर मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम पर हो रहा है।

हालांकि, भाजपा के उम्मीदवार वर्तमान सांसद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हैं, जबकि कांग्रेस ने इस बार चंद्रेश कुमारी की जगह अशोक गहलोत पुत्र वैभव गहलोत को टिकट देकर मैदान मारने की तैयार की है।

गजेंद्र सिंह शेखावत की साफ छवि, उनका आरएसएस के साथ लंबा अनुभव और सौम्य बर्ताव के कारण लोगों का आकर्षण हैं, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ रहे गहलोत पुत्र के लिए पूरी कांग्रेस ने ताकत झोंक दी है।

नामांकन के दिन जिस तरह से अशोक गहलोत समेत राजस्थान सरकार के तकरीबन सभी मंत्री, कांग्रेस के पदाधिकारी और खुद पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने गहलोत की तारीफ में चासनी के कसीदे गढ़े, उससे साफ है कि कांग्रेस का ध्यान इसी सीट पर है।

वैसे यहां पर रालोपा के संयोजक हनुमान बेनीवाल का दबदबा भी कम नहीं है। बेनीवाल भाजपा से गठबंधन करते ही कह चुके हैं कि गहलोत पुत्र को कम से कम 2 लाख वोटों से हराकर भेजेंगे। यदि वाकई में यहां पर विश्नोई, राजपूत, जाट, ब्राह्मण वोट एक हो जाते हैं, तो कांग्रेस के सपने धरे ही रह जाएंगे।

आपको बता दें कि इसी सीट पर गहलोत ने सांसद के तौर पर 1980 में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। वह 1999 के वक्त सरदापुरा से विधायक बने। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने यह संसदीय सीट छोड़ी थी। तभी से गहलोत सरदारपुरा से विधायक हैं।

साल 2014 में भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस की चंद्रेश कुमारी को 4.10 लाख से अधिक वोटों से हराया। साल 2018 के वक्त गजेंद्र सिंह को राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष बनाने की बातें खूब हुईं, लेकिन बताया जाता है कि वसुंधरा राजे के विरोध के कारण पार्टी को पीछे हटना पड़ा।

बहरहाल, देखना दिलचस्प होगा कि यहां पर भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी की जीत होती है, या फिर वैभव गहलोत के रुप में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी इज्जत बचाने में कामयाब होते हैं?

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