जर्मनी ने चीन पर किया 130 बिलियन पौंड का दावा, कोरोनावायरस फैलाने का आरोप, एकजुट हुआ विश्व

नई दिल्ली
अमेरिका, इटली, ब्रिटेन समेत अन्य कई यू​रोपियन देशों की तरह जर्मनी ने भी कोरोनावायरस फैलाने का दोषी चीन को माना है। जर्मनी ने चीन के उपर 130 बिलियन पौंड का दावा किया है। जर्मनी का कहना है कि इस वायरस का जनक चीन ही है।

इससे पहले अमेरिका ने कई बार चीन को जिम्मेदार बताया है। दो दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। अमेरिका ने कहा है कि अगर चीन जानबूझकर वायरस फैलाने का दोषी साबित हुआ तो उसको भयंकर परिणाम भुगतने होंगे।

इस बीच वुहान की सरकारी लैब की फोटोज जारी हुई हैं, जिसमें बताया गया है कि इस लैब की फ्रीज में 1500 वायरस मिले हैं। अमेरिका ने यह भी कहा है कि चीन अगर चाहता तो वायरस को वहीं रोक सकता था, लेकिन उसने जानबूझकर ऐसा नहीं किया।

ट्रंप ने कहा है कि अगर गलती है तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर चीन ने जैविक हथियार की तरह यूज किया है, तो उसको इसके भयानक परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा है कि चीन को इसके लिए सबके सामने माफी मांगनी चाहिए। ट्रंप ने कहा है कि चीन इस बात को स्वीकार करे कि यह उसकी गलती है।

अमेरिका, भारत, इटली, जर्मनी, फ्रांस ने कहा है कि चीन अपने आंकड़े छिपा रहा है और इसके लिए चीन को पारदर्शिता दिखानी चाहिए। वुहान में फिर से यकायक 50 फीसदी की ग्रोथ बताना इस बात का प्रमाण है कि चीन ने कुछ छिपाया है।

अब दुनियाभर में चीन के खिलाफ एक गठबंधन बनता जा रहा है, जिसकी अगुवाई भारत कर रहा है। इस गठबंधन में अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देश शामिल हो रहे हैं। सभी ने चीन पर आशंका जताई है, जिसमें वायरस बनाने और फैलाने की संभावना जताई है।

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जर्मनी ने एक बड़े अखबार में बिल प्रकाशित कर चीन से 130 बिलियन पौंड की मांग की है। जर्मनी ने अपने यहां पर हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए चीन से मांग की है। जर्मनी ने सीधा आरोप लगाया है कि वुहान में यह वायरस तैयार हुआ था, जिसको रोकने के लिए चीन ने कोई प्रयास नहीं किया।

अगर दुनिया पूरी तरह से एक होती है, तो आने वाला समय चीन के लिए काफी मुश्किलों भरा हो सकता है। इस बीच भारत ने चीन के सीधे निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफडीआई के तहत खोले गए 100 प्रतिशत निवेश को अब केंद्र सरकार की अनुमति होगी। इस सूची में पहले पाकिस्तान और बंग्लादेश ही शामिल थे, लेकिन अब सभी देशों के लिए कर दिया गया है।