अमेरिका की आर्थिक मंदी का फायदा उठाकर चीन बनेगा दुनिया की महाशक्ति!

नई दिल्ली

कोविड-19, यानी कोरोनावायरस डिजीज 2019 की महामारी सबसे ज्यादा विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति, यानी अमेरिका को प्रभावित कर रही है। अमेरिका में अब तक 370000 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं जबकि करीब 11000 लोगों की मौत हो चुकी है।

अर्थशास्त्रियों ने दावा किया है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए अमेरिका को कम से कम साल 2020 के दिसंबर तक इंतजार करना होगा, उसके बाद इस महामारी का उत्तरार्ध शुरू होगा।

एक दिन पहले ही जारी किए गए आंकड़ों में अर्थशास्त्री ने बताया कि अमेरिका साल 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी से भी बहुत बुरे दौर से गुजरने वाला है। अमेरिका के पूरे उद्योग धंधे और निर्यात इस साल के अंत तक ठप हो जाने की संभावना है।

नवंबर 2019 में अमेरिका की हुबेई प्रांत स्थित वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस का कहर दुनिया भर में फैला हुआ है और इसके चलते अमेरिका, इटली, जर्मनी, फ्रांस, ईरान, पाकिस्तान, भारत समेत दुनिया भर के 185 से ज्यादा देश चपेट में हैं।

कोरोनावायरस हालांकि चीन के एक शहर से शुरू हुआ, किंतु बाकी दुनिया में फैलने के बावजूद चीन के दूसरे किसी भी प्रांत में कोरोनावायरस का प्रसारण नहीं हुआ। जिसका फायदा चीन ने यह उठाया कि अपने सभी उद्योग धंधे फिर से शुरू कर दिए हैं। दुनिया भर के जो भी मजदूर उनके यहां काम कर रहे थे, उनको वापस बुलाया जा रहा है।

एक तरफ जहां अमेरिका जैसे देशों की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो रही है, वहीं दूसरी तरफ चाइना एक बार फिर से निर्यात के लिए अपने द्वार खोल चुका है। दुनिया में मेडिकल इक्विपमेंट्स निर्यात करने में जुटा हुआ चीन अब दूसरी जरूरत की चीजों को भी निर्यात करने की तैयारी शुरू कर चुका है।

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विश्व के कई बड़े देश जो निर्यात करने में के मामले में चीन से भी आगे हैं, आज वह सब कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इस वैश्विक महामारी के चलते कोई भी देश निर्यात को लेकर आश्वस्त नहीं है लेकिन चीन एक बार फिर से अपने निर्यात शुरू कर चुका है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि दुनिया जहां एक वैश्विक महामारी से लड़ रही है तो दूसरी तरफ चीन आर्थिक रूप से मजबूत होता हुआ नजर आ रहा है।

एक मोटे अनुमान के मुताबिक इस साल के अंत तक अमेरिका निर्यात बंद होने के कारण उसकी अर्थव्यवस्था चीन के मुकाबले काफी कमजोर हो जाएगी। परिणाम यह होगा कि अब तक अमेरिका, रूस, भारत समेत कई देशों के साथ आर्थिक प्रतिस्पर्धा कर चीन 1 साल के दौरान काफी आगे निकल चुका होगा।

संभवत इसी डर की वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कई शहर बंद नहीं किए। परिणाम यह हुआ कि जो कोरोनावायरस अमेरिका में दस्तक देने में ही असफलता की तरफ वह आज अमेरिका के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है।

यदि इस साल के अंदर अमेरिका अपनी निर्यात शुरू नहीं कर पाता है और चाइना पूरी ताकत के साथ एक्सपोर्ट में लग जाता है, तो संभावना है कि अगले 2 या 3 साल के भीतर अमेरिका की जगह चीन विश्व की महाशक्ति बन जाए।