कोरोना वायरस फैलाकर चीन मालामाल हो रहा है, पहली खेप 432 मिलियन यूरो

नई दिल्ली

कोरोना वायरस को लेकर एक तरफ जहां दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देश जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जहां पर कोरोनावायरस का पहला मामला सामने आया था, वही कम्युनिस्ट चीन अबे मालामाल होता हुआ दिखाई दे रहा है।

कोरोना वायरस के टेस्ट किट और वेंटिलेटर के लिए स्पेन ने चीन को 432 मिलीयन यूरो का आर्डर दिया है, उसमें से पहली खेप स्पेन पहुंच चुकी है। हालांकि, अमेरिका, भारत, इटली समेत कई देशों के दबाव के बाद स्पेन ने टेस्ट किट की कमजोर स्थिति होने के कारण वापस भेज दिया है।

दूसरी तरफ चीन ने भारत, इटली, मिस्र और अमेरिका को भी अपने यहां से वेंटिलेटर देने का आग्रह किया है। सवाल यह है खड़ा होता है कि अकेले चीन के पास इतने वेंटीलेटर अचानक कहां से आए, जो वह दुनियाभर के कई देशों को निर्यात करने के लिए कह रहा है।

कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया है कि कोरोना वायरस चीन के द्वारा बनाया गया एक जैविक हथियार है। उसने केवल वुहान प्रांत के बहाने दुनिया भर में खासतौर से ऐसे देशों में जहां चीन के पक्ष के देश नहीं है, वहां पर इस वायरस को फैलाने के बाद अब अपने मेडिकल उपकरणों को बेचने पर आमादा है।

चीन की इस साजिश को देखते हुए अमेरिका ने अपने यहां पर बड़े पैमाने पर मेडिकल उपकरण बनाने और जिन देशों को इसकी आवश्यकता है, उनको देने का ऑफर दिया है। भारत में भी बड़े पैमाने पर वेंटिलेटर, टेस्ट किट और दूसरी चीजें बनाई जा रही है। भारत ने चीन से सामान लेने से इंकार कर दिया है।

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बताया जा रहा है कि हुबेई प्रांत में चीन की सबसे बड़ी जैविक लैबोरेट्री है। जहां पर कई तरह की जैविक हथियार बनाए जा रहे हैं। आने वाले समय में जैविक हथियारों से हमले और बढ़ जाते हैं।

जिसको लेकर चीन लंबे समय से तैयारी कर रहा है। देशों को बेचने के लिए चीन वेंटिलेटर टेस्ट किट और वैक्सीन भी बनाकर तैयार बैठा है। जैविक हथियार के साथ ही इनकी भी कई देशों को सफाई की जाएगी, जिससे चीन मालामाल होगा।