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बुधवार, जून 3, 2020

Covid-19 जैविक हथियार से बचने के लिए चीन ने चला नया पैंतरा, दुनिया के कई देश हो रहे हैं एकजुट

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नई दिल्ली

17 नवंबर 2019 को चीन में पहला कोरोना वायरस मरीज सामने आया था। कहा जा रहा है कि हुबेई प्रांत के वुहान शहर में जब कोरोना का मरीज सामने आया तो चीन की सरकार को भी अंदाजा नहीं था कि यह वायरस एक दिन पूरी दुनिया के हजारों लोगों को काल का ग्रास बना लेगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा कोरोनावायरस को चीनी वायरस कहकर बुलाया जा रहा है भारत समेत दुनिया के कई देश इस को चीन का जैविक हथियार समझ रहे हैं और इसके साथ ही चीन की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।

चीनी अधिकारियों के हवाले से एक न्यूज़ वेबसाइट ने दावा किया कि हुबेई प्रांत में 24 साल की एक लड़के के द्वारा अनैतिक कार्य किए जाने के कारण इस वायरस का जन्म हुआ था, लेकिन हकीकत यह है कि यह चीन का नया पैंतरा है।

चीन के ऊपर अमेरिका, इटली, जर्मनी, फ्रांस, भारत समेत कई देशों ने सीधे तौर पर जैविक हथियार तैयार करने और उससे दुनिया को विनाश में धकेलने का आरोप लगाया गया था, लेकिन चीन लगातार इस को नकारा है। यहां तक कि चीन ने 1 दिन कहा था कि उनके यहां पर इस वायरस का मरीज सामने आने से पहले ही इटली में शुरू हो गया था।

अनेक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के हुबई प्रांत वुहान में जैविक हथियार बनाने की एक बहुत बड़ी प्रयोगशाला है, जहां पर चीन कई वर्षों से जैविक हथियार बनाने के लिए प्रयोग कर रहा है। बताया जाता है कि उसके पास कई तरह के जैविक हथियार हैं।

एक मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि चीन के द्वारा कोरोना वायरस नामक परिवार का कोविड-19 वायरस बनाया गया था, जिसको प्रयोग के लिए चीन ने यह सब किया, लेकिन बाद में इस वायरस के कारण हुबेई प्रांत के वुहान शहर में कई लोग संक्रमित हो गए। लेकिन पहले से ही तैयार चीन ने अपने लोगों को तुरंत प्रभाव से मेडिकल फैसिलिटी अवेलेबल करवाकर रिकवर कर दिया।

सवाल जायज भी है चीन के केवल वुहान शहर को छोड़कर किसी भी प्रांत में इस वायरस का नहीं खेलना चीन स सारे जवाबों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आखिरी चीन के बीजिंग समेत कोई भी शहर इस वायरस की चपेट में क्यों नहीं आया, जबकि 15000 किलोमीटर दूर देशों के लोग इस वायरस की चपेट में आ गए।

मजेदार बात यह भी है कि चीन के जो मित्र राष्ट्र ने उनके यहां भी इस वायरस का फैलाव बेहद कम है। जबकि अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्र इटली, फ्रांस, जर्मनी, जैसे देशों में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है।

विदेशी मीडिया को रिपोर्ट्स करने से रोककर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने मंसूबे तो साफ कर दिए, किन्तु इसके साथ ही उसके द्वारा दुनिया को जैविक युद्ध के मुहाने पर धकेलकर एक नए युग की शुरुआत भी कर दी।

जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, उससे जाहिर है कि कोविड-19 के खात्मे के बाद चीन के साथ भी दुनिया के कई देश विभिन्न प्रतिबंध का रास्ता भी अख्तियार कर सकते हैं।

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Ram Gopal Jathttps://nationaldunia.com
नेशनल दुनिया संपादक .

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