लॉक डाउन के दूसरे दिन जयपुर शहर के रामगंज में लगाया गया कर्फ्यू
लॉक डाउन के दूसरे दिन जयपुर शहर के रामगंज में लगाया गया कर्फ्यू

नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरोना के कहर को नियंत्रित करने के लिए पूरे देश को 24 की रात 12 बजे से ही सम्पूर्ण देश को लॉक डाउन कर दिया है। इसका आज दूसरा दिन ही बीता है, जबकि केंद्र सरकार ने आज देश के लोगों के लिए 1.70 लाख करोड़ का राहत पैकेज देने का ऐलान किया है।

सरकार ने महिलाओं को तीन माह तक 500 रुपये, किसानों को 2000 रुपये, उज्जवला योजना में सिलेंडर, पेंशनधारियों को पेंशन, कर्मचारियों, मजदूरों, कंपनियों समेत तमाम वर्गों के लिए राहत का ऐलान किया है।

सरकार ने तमाम बातों को ऐलान अगले 3 माह तक के लिए किया है। इससे साबित होता है कि मोदी सरकार अगले तीन माह तक के लिए जनता को महफूज रखना चाहती है। इसके साथ ही सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर सकार ने तीन माह तक लिए ही क्यों किया

जिस तरह से सरकार ने अगले ​तीन माह का राहत पैकेज दिया है, उससे साफ हो चुका है कि सरकार की योजना पूरे 3 माह की है, ​ताकि जरुरत होने पर लॉक डाउन 30 जून तक बढ़ाया जा सकता है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार लंबी लड़ाई के मूड में है। इसलिए पहली बार में ही अगले 3 माह के लिए कदम उठाए गए हैं। दूसरी बात यह है कि चीन (Chine) में दिसंबर में यह वायरस शुरू हुआ और फरवरी में चरम पर पहुंचा। अब वहां पर कुछ शांति है।

ऐसे में सरकार का मानना है कि इस वायरस को रोकने के लिए कम से कम 3 माह का समय लगना तय है। इस बीच इटली ने अपने यहां पर 31 जुलाई तक लॉक डाउन कर दिया है। भारत सरकार ने अभी केवल 14 अप्रैल तक किया है, लेकिन इसको बढ़ाया जा सकता है।

मोदी सरकार के द्वारा ऐलान किए गए हैं, उनको नाकाफी नहीं माना जा सकता। सरकार यह भी मानती है कि तीन माह का समय लेकर ही इस महामारी से निपटा जा सकता है। सरकार लगातार घरों में रहने की अपील कर रही है।

अभी सरकार ने सख्ती का पहला कदम बढ़ाया है, जबकि कहा जा रहा हे कि 31 मार्च तक अगर केस बढ़ते रहे, तो इसके बाद कर्फ्यू भी लगाए जा सकता है। अगर यह बात सही है तो सरकार उसी के अनुरुप तैयारी भी कर रही है।