नई दिल्ली

आज रात 12 बजे से पूरे देश में कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इसका ऐलान कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा है कि यह संपूर्ण पाबंदी 21 दिन तक रहेगी। मोदी ने कहा है कि 21 दिन नहीं रुके तो देश 21 साल पीछे चला जायेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कहा है कि इस बीमारी का अचानक पता नहीं चलता है। उन्होंने कहा कि इस महामारी की चेन तोड़ने के लिए देश ने यह कठोर कदम उठाया है।

मोदी ने कहा कि यह वायरस आग की तरह फैलता है। पहले एक लाख लोगों तक पहुंचने के 67 दिन लगे, किन्तु इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में महज 11 दिन लगे, और अगले 4 दिन में इसने 3 लाख को अपनी चपेट में ले लिया।

पीएम ने कहा, “चीन (Chine) अमेरिका जापान स्पेन इटली जर्मनी समेत तमाम देशों के द्वारा केवल सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाकर ही बीमारी से पार पाने का संकल्प लिया गया है। इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, उनके हॉस्पिटल उनके यहां आधुनिक संसाधन पूरी दुनिया में बेहतरीन है। उनकी व्यवस्थाएं बेहतरीन मानी जाती, बावजूद इसके कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए।

इस महामारी से निपटने के लिए स्थिति में उम्मीद विदेशों से मिले अनुभव है जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए हफ्ते तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले।

इन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत, हंड्रेड % सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए यह कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं।

हमें भी यह मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने सिर्फ और सिर्फ यही एक मार्ग है, हमें घर से बाहर नहीं निकलना है, चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है।

सोशल डिस्पेंसिंग प्रधानमंत्री से लेकर के गांव के छोटे से नागरिक तक सबके लिए कोरोना से तभी बचा जा सकता है। जब घर की लक्ष्मण रेखा नहीं लांघे। हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना है, इसके फैलने की चेन को तोड़ना है।

साथियों भारत आज उस फेज पर हैं, जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। यह समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है।

यह समय कदम कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है जान है तो जहान है। साथियों कड़े और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में लॉक डाउन उनकी स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है।

मेरी आपसे हाथ जोड़कर के प्रार्थना है घरों में रहते हुए आप उन लोगों के बारे में सोचिए, उनके लिए मंगल कामना करिए, जो अपना कर्तव्य निभाने के लिए खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं।

डॉक्टर नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ, पैथोलॉजी, मीडियाकर्मियों उनके बारे में, उनके परिवार के बारे में सोचिए। इस महामारी से 1-1 जीवन को बचाने के लिए दिनरात अस्पताल में काम कर रहे हैं, अस्पताल प्रशासन के लोग, एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, सफाई कर्मचारियों के बारे में सोचिए।

जिन परिस्थितियों में आप लोगों के लिए काम कर रहे हैं, उनके लिए प्रार्थना करिए, जो आपकी सोसाइटी आपके मोहल्ले की सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज करने के काम में जुटे हैं, जिसमें और जिसके कारण वायरस का नामोनिशान मिट सके।

मीडियाकर्मियों के बारे में सोचिए, जो सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। मीडिया के लोगों के बारे में, जो मौत का खतरा उठा कर सड़कों पर, अस्पतालों में सूचना आपतक पहुंचा रहे हैं।

आप अपने आसपास के पुलिस कर्मियों के बारे में सोचिए, जो अपने घर परिवार की चिंता किए बिना आपके परिवार को बचाने के लिए दिनरात ड्यूटी कर रहे हैं और कई बार कुछ लोगों के गुस्ताखी की भी शिकार हो जाते हैं।

कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच जिंदगी में लोगों को असुविधा ना हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रहे हैं। सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बनी रहे, इसके लिए सभी उपाय किए गए हैं और आगे भी किए जाएंगे।

निश्चित तौर पर संकट की घड़ी गरीबों के लिए भी बहुत मुश्किल वक्त लेकर आई केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ समाज के अन्य संगठन, सिविल सोसाइटी के लोग गरीबों को मुसीबत कम हो इसके लिए निरंतर जुटी हुई है।

गरीबों की मदद के लिए अनेकों लोग सामने आ रहे हैं। साथियों जीवन जीने के लिए जो जरूरी है, उसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जीवन बचाने के लिए जो जरूरी हैं, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी।

इस वैश्विक महामारी से मुकाबला करने के लिए देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करने का काम केंद्र सरकार लगातार कर रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारत के बड़े चिकित्सा अनुसंधान संस्थान तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सुझाव पर कार्य करते हुए सरकार ने निरंतर फैसले दिए समर्पण साथ के मरीजों के इलाज के लिए देश के लिए और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ₹15000 का प्रावधान किया है।

इससे चिकित्सा से जुड़ी टेस्टिंग फैसिलिटी, प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल, मैन पावर का काम भी किया जाएगा।

राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय सभी राज्यों की पहली प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए। मुझे संतोष है देश का प्राइवेट सेक्टर भी पूरी तरह से कंधे से कंधा मिलाकर संकट और संक्रमण की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा है।

प्राइवेट लैब, प्राइवेट अस्पताल इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरकार के साथ काम करने के लिए आगे आ रहे, लेकिन साथियों यह भी ध्यान रखें ऐसे समय में जाने अनजाने कई बार गुस्सा हो जाते हैं, उसको देश हित समझकर भूल जाएं।

मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। आपके द्वारा केंद्र सरकार राज्य सरकार और मेडिकल फैकेल्टी द्वारा दिए गए निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरूरी है।

मेरी आपसे प्रार्थना है, इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डॉक्टरों की सलाह के कोई भी दमान ना लें, किसी भी तरह का खिलवाड़ आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है।

साथियों मुझे विश्वास है, हर भारतीय संकट की घड़ी में सरकार के स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का लॉक डाउन लंबा समय है, लेकिन आपके परिवार की रक्षा के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है।

हमारे पास यही एक महत्वपूर्ण रास्ता है। मुझे विश्वास है हर हिंदुस्तानी इस संकट का न सिर्फ सफलता से मुकाबला करेगा बल्कि इस मुश्किल घड़ी से विजयी होकर निकलेगा।

आप अपना ध्यान रखिए, अपनों का ध्यान रखिए और आत्मविश्वास के साथ कानून नियमों का पालन करते हुए पूरी का सयम भरते हुए विजय का संकल्प करके हम सब इन बंधनों को स्वीकार करें। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।”