सन 2008 के बाद विश्व की अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर का सामना करने जा रही है

-ब्लूमबर्ग न्यूज़ एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में आरबीआई के पूर्व गवर्नर और विख्यात अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने कोरोना वायरस को इसका प्रमुख कारण बताया है।

नई दिल्ली।

नया घातक वायरस को रवाना अब दुनिया के 57 देशों में फैल चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि सभी देशों को इस भयानक बीमारी के प्रसार का सामना करने के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री तथा मंगोलिया के राष्ट्रपति जैसी उल्लेखनीय हस्तियां इस घातक बीमारी की चपेट में आ चुकी हैं।

इस बीमारी, जो विश्वव्यापी महामारी का रूप ले सकती है, के फैलने के खतरे के प्रति दुनिया सचेत टीम सक्रिय हो गई है।

अमेरिका की गुप्तचर एजेंसी अब तक हरकत में आ गई है तथा इस बीमारी के फैलने के कारणों तथा माध्यमों का पता लगाने से जुट गई है।

एजेंसी इस बात का भी आकलन कर रही है कि इस महामारी के एकाएक जबरदस्त से निबटने के लिए विभिन्न देश सक्षम हैं?

अमेरिकी खुफिया एजेंसी को आशंका है कि यह वायरस भारत में फैल सकता है। एजेंसी की चिंता का प्रमुख कारण भारत के विशाल एवं सघन आबादी है।

दूसरी तरफ डब्ल्यूएचओ का मानना है कि ईरान ने इस बीमारी से मरने वालों की संख्या कम करके बताए हैं, इसलिए चिंताजनक है।

क्योंकि जो भी खबरें मिल रही हैं, आंकड़े अन्य किसी भी देश की अपेक्षा मौतों के बहुत ऊंचे स्तर की ओर संकेत कर रहे हैं।

अब अफ्रीका का सहारा रेगिस्तान वाला क्षेत्र भी इस नए वायरस का शिकार बन गया है तथा नाइजीरिया में इसके फैलने के समाचार मिले हैं।

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इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रयासरत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बहुत बड़ा सिरदर्द है, क्योंकि वहां बहुत से मामले में बीमारी से निपटने की तैयारी एवं तत्परता का अभाव है।

कोरोना वायरस के प्रसार की आशंका के कारण सारे विश्व में होने वाले महत्वपूर्ण एवं बड़े आयोजनों को रद्द कर दिया जा रहा है।

जिनेवा मोटर शो भी निरस्त कर दिया गया है, जो नए वाहनों के आगामी संस्करणों की प्रस्तुति के लिए आयोजित किया जा रहा था, के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विख्यात हुई है, भी अब निरस्त कर दिया गया है।

जिनेवा मोटर शो परंपरागत रूप से दुनिया में सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक है। प्राय इस आयोजन में 100000 आगंतुकों, 10000 पत्रकारों को मुख्यतः ऑटोमोबाइल के बड़े उत्पादकों में से करीब 200 प्रतिभागियों का आग्रह करता है।

कई मुस्लिम देश भी अपने साप्ताहिक नमाज पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। ईरान ने लंबी धार्मिक तकरीर उन पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सऊदी अरब ने अपने पवित्र शहरों में अन्य देशों से लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अबू धाबी के दो होटलों की फिलहाल किलेबंदी की गई है और उनका स्टाफ संक्रमण को लेकर होटल के अतिथियों की गहन जांच कर रहा है।

होटलों में आए कई स्थानीय निवासी और अतिथि देश से आने वाले पूर्व में ईरान की यात्रा कर चुके हैं।

बिल्कुल स्पष्ट है कि इस वायरस से होने वाले संक्रमण का प्रमुख जोर अब चीन के बजाय दुनिया के देशों के लिए जा रहा है।

इस वजह से बीमारी पर नियंत्रण का काम और कठिन होता जा रहा है स्पष्ट है कि कोरोनावायरस से आर्थिक रूप से दंश देना शुरू कर दिया है।

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दुनिया भर के कई उद्योगों के क्रियाकलाप बंद होते जा रहे हैं। विश्व की कई अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं ने अब यह मानकर चल रही है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति को भारी धक्का पहुंचेगा और आर्थिक वृद्धि में कमी आएगी।

धीरे-धीरे यह बात स्पष्ट होती जा रही है।

ब्लूमबर्ग न्यूज एजेंसी टीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में आरबीआई के पूर्व गवर्नर और विख्यात अर्थशास्त्री रघुराम राजन विश्वास ने आई मनोवैज्ञानिकों के प्रति चेतावनी दी है।

उनका कहना है कि सरकारों को अपनी अपनी अर्थव्यवस्थाओं में भर्ती कर के उपाय करने के बजाय वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के बारे में सोचना चाहिए।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्थायित्व के लिए निवेश बढ़ाने के उपायों के बजाय इस विश्वास की बहाली ज्यादा जरूरी है कि वायरस का प्रसार रोक दिया गया है।

उन्हें आशंका है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्ष 2008 की आर्थिक मंदी के दौर से गुजरने वाली है।