…तो बंद हो जाएगी वोडाफोन आइडिया, जिओ और रिलायंस के बढ़ेंगे ग्राहक

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा vodafone-idea को 53000 करोड रुपए चुकाने के निर्देश देने के बाद अब वोडाफोन आइडिया का भारत में बिजनेस समेटने का मन कर रहा है। वोडाफोन आइडिया इंडिया कंपनी ने भारत में बिजनेस कम करने या बिल्कुल समेटने की संकेत दे दिए हैं।

अगर vodafone-idea भारत से अपना विजय समझते हैं या फिर बंद कर देते हैं तो इसके चलते रिलायंस की जियो और भारतीय एयरटेल के ग्राहक तेजी से बढ़ेंगे। इसके साथ ही बीएसएनएल को भी फायदा होगा।

इधर भारती एयरटेल ने कोर्ट के आदेश के बाद 1000 करोड़ में जमा कराने के साथ ही अपने टैरिफ की दरों में भी वृद्धि कर दी है। vodafone-idea भारत में अपना बिजनेस समेटने या फिर कंगाल होने के लिए आवेदन लगाने पर विचार कर रहा है।

गौरतलब है कि vodafone-idea और भारती एयरटेल पर एजीआर के बकाया 1.47 लाख करोड रुपए हैं, जिसको जमा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। इसमें से अकेले वोडाफोन आइडिया का ही 53000 करोड रुपया है।

कोर्ट के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया ने मोटी रकम सरकार को जमा करा दी है। जबकि बकाया राशि भी जल्दी ही जमा कराने के लिए 17 मार्च तक का समय मांगा है, जब कोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी।

जिओ ने अपने बकाया 195 करोड रुपए पहले ही दिन जमा करवा दिये हैं। भारतीय एयरटेल को भी अपने 20 साल का एजीआर राशि चुकाने में दिक्कत हो रही है, जबकि वोडाफोन की भी यही हालत है।

जानकारी सामने आई है कि इतना मोटा पैसा चुकाने के बाद vodafone-idea के पास देश में आगे आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है, इसलिए अपने बिजनेस को सीमित करने या समेटम पर विचार किया जा रहा है।

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आपको याद दिला दें कि वोडाफोन ने करीब 2 साल पहले ही आईडिया को टेकओवर किया है। उसके बाद से ही दोनों कंपनियों में दिक्कतें बढ़ी हुई है। रिलायंस जिओ के मैदान में आने के बाद सभी टेलीकॉम कंपनियां परेशान हैं।

अगर vodafone-idea भारत से अपना भेज रहे समय लगता है या फिर सीमित करता है, तो इसका सीधा सीधा लाभ ग्राहक के हिसाब से जियो और एयरटेल के साथ बीएसएनल को होगा।