bhamashah swasthay bima yojana
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jaipur news

राजस्थान के प्राइवेट अस्पताल संभवत: 7 दिन बाद भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (Bhamashah Swasthya Bima Yojana) में उपचार नहीं करेंगे। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि नगद में उपचार होगा, सरकार द्वारा संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (Bhamashah Swasthya Bima Yojana) में इलाज नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार के आश्वासन और उसकी लापरवाही के चलते यह हालात उपजे हैं।

निजी अस्पतालों ने साफ कह दिया है कि अगर सरकार ने उनके सामने खड़ी इस विकट समस्या का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया तो संभवत एक फरवरी 2020 से भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (Bhamashah Swasthya Bima Yojana) के तहत उपचार बंद कर दिया जाएगा।

आज की तारीख में करीब 20 से 25 प्रतिशत अस्पताल एक माह पहले ही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (Bhamashah Swasthya Bima Yojana) के तहत उपचार बंद कर चुके हैं। अबतक उपचार कर रहे बाकी अस्पतालों ने भी कहा है कि अगर इस माह के अंत तक समाधान कर पैमेंट नहीं हुआ तो एक फरवरी से सभी तरह के उपचार बंद हो जाएंगे।

दरअसल, राज्य सरकार के द्वारा 13 दिसंबर 2019 के बाद एक भी अस्पताल को भामाशाह योजना के तहत किए गए उपचार का भुगतान नहीं किया है, जिसके कारण कई अस्पतालों के सामने अपने स्टाफ को सेलेरी देने और अन्य खर्च वहन करने का भी संकट खड़ा हो गए है।

उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर 2019 को, यानी करीब एक माह से अधिक समय पहले ही इस योजना के तहत बीमा उपलब्ध करवाने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को सरकार से पैसा नहीं मिला था, जिसके चलते उसने भुगतान देना बंद कर दिया था।

हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा समेत पूरी सरकार ने कहा था कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि अन्य बीमा कंपनी को इसके लिए आमंत्रित किया गया है जो समय पर इंश्योरेंस उपलब्ध करवाकर भुगतान करेगी। लेकिन आज दिन तक भी कोई कंपनी राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए सामने नहीं आई है।

परिणाम यह हुआ कि आखिरकार राज्य सरकार ने खुद ही निजी अस्पतालों को भामाशाह योजना के तहत भुगतान करने का आश्वासन दिया और कहा कि सभी मरीजों का फ्री उपचार जारी रखें। किंतु वास्तविकता यह है कि 13 दिसंबर के बाद किए गए किसी भी उपचार का भुगतान नहीं किया गया है।

सरकार समय पर भुगतान नहीं करती है, और फिर विवाद होता है। इस विवाद के कारण अब कोई इंश्योरेंस कंपनी आगे आने को तैयार नहीं है। नतीजा यह हो रहा है कि प्रदेश के हजारों निजी अस्पतालों में रोज उपचार करवाने वाले लाखों मरीजों का इलाज होने के बाद भी उनको सरकार से भुगतान नहीं मिल रहा है। आखिरकार अस्पतालों ने भी अंतिम चेतावनी दे दी है कि अगर इस माह के अंत तक भुगतान नहीं किया गया तो एक फरवरी 2020 से फ्री उपचार बंद कर दिया जाएगा।

सरकारी आश्वासन के बावजूद कई निजी अस्पतालों ने भामाशाह योजना के तहत होने वाला उपचार बंद कर दिया, जबकि करीब 75 से 80 फीसदी प्राइवेट हॉस्पीटल्स ने सरकारी आश्वासन को सही मानते हुए उपचार जारी रखा। किंतु एक माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी पैमेंट नहीं होने के कारण अब उन्होंने भी जवाब दे दिया है।

जहां पर उपचार बंद हो गया है, वहां पर मरीजों और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद हो रहा है। और जहां पर मरीजों का उपचार कर घर भेज दिया गया है, वहां पर अब सरकारी भुगतान का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में एक तरफ जहां मरीज परेशानी भुगत रहे हैं, तो दूसरी ओर अस्पताल भी फ्री उपचार को लेकर असमंजश में हैं।