—सदन में आमेर विधायक सतीश पूनिया ने उठाया इलाके की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

जयपुर।
विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुये आमेर से विधायक डॉ. सतीश पूनिया ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाये।

उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसान एक हजार लोगों पर कम से कम एक डॉक्टर होना चाहिये, लेकिन राजस्थान में 10400 लोगों पर एक चिकित्सक है।

अपने क्षेत्र की बात करते हुये डॉ. पूनिया ने कहा कि आमेर में 72 चिकित्सा उप केंद्र हैं, किंतु वहां पर भवन नहीं हैं। कहीं पर नर्स नहीं है तो कहीं पर कंपाउंडर के भरोसे ही काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि पीएचसी पर दो डॉक्टर्स की नियुक्ति जरूरी है। जितने सब सेंटर हैं, उनको मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजधानी के निकट होने के बाद भी वहां पर एक सीएचसी है, जबकि एक हजार के करीब आउटडोर है।

कई संस्थान और बड़ी आबादी, खासतौर से पेशे से किसान और मजदूर हैं, किंतु अपनी बला को टालने के लिये डॉक्टर बिना वजह उल्टा सीधा कर सवाई मान सिंह अस्पताल भेज देते हैं।

डॉ. पूनिया ने कहा कि या तो आमेर की सीएचसी को जिला अस्पताल अथवा रेफरल अस्पताल बनाना चाहिये। उन्होंने सुविधाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है।

जिस तरह से आमेर में जयपुर का अधिकांश पुराना कस्बा आता है, जिसकी जनसंख्या अधिक होने के बाद भी एक सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र के सहारे पूरी आबादी है।

बड़ी बात यह है कि एक विधानसभा में एक सीएचसी है, लेकिन उसमें भी सोनोग्राफी मशीन तक नहीं है।

डॉ. पूनिया ने कहा की पूर्व सरकार के समय साढ़े पांच करोड़ की एक सीएचसी बनाई थी, उसका भवन बनकर तैयार है, लेकिन छह माह होने के बाद भी यहां पर मंत्री को फीता काटने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इसका उद्घाटन हो जाये तो यहां के 100 गांवों को फायदा मिले।

उन्होंने कहा कि गुढ़ा, सुर्जन, जाहोता, बड़े गांव हैं, जिनमें मातृ शिशु कल्याण केंद्र में बदले जायें, जहां पर डिलीवरी की एक बड़ी फ्रिक्वेंसी है।

आमेर क्षेत्र से दो नेशनल हाइवे गुजरते हैं, जहां पर आये दिन दुर्घटनायें होती रहती हैं। यहां पर कम से कम एक ट्रोमा सेंटर होना चाहिये, ताकि समय पर उपचार मिल सके और लोगों की जान बचाई जा सके।

अपने क्षेत्र पर फोकस करते हुये डॉ. पूनिया ने कहा कि रामपुरा डाबडी और चंदवाजी, दो बड़े केंद्र हैं, जहां पर ट्रोमा सेंटर की बेहद जरूरत है।

इसके साथ ही अचरोल इस क्षेत्र का सबसे बड़ा कस्बा है, जहां पर कम से कम एक पीएचसी होनी चाहिये, ताकि जनता हो फायदा मिल सके।

पूरी इलाके में नेशनल हाइवे होने के कारण एक्सीडेंट होते हैं, इसलिये यहां पर 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहिये।

डॉ. पूनिया ने कहा कि आमेर के मानपुरा में 108 की व्यवस्था होनी चाहिये। यहां पर 14 पीएचसी है, इनमें से रायथल और पूनाना में नये भवन बनने आवश्यक है। उन्होंने कूकस और पीली की तलाई में दो शहरी पीएचसी खोलने की अपील की।

भाजपा प्रवक्ता ने होम्योपौथी की व्यवस्था को मजबूत करने और आयुर्वेद को फिर से उंचाइयों पर पहुंचाने के लिये आव्हान किया।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जीवन का आधार है, जिसे बजट बढ़ाकर काम किया जाना चाहिये।

प्रधानमंत्री ने सफाई को बड़ा अस्त्र बना दिया है, इसको इस्तेमाल करना चाहिये, आयुर्वेद को अपनाया जाये तो सर्वे संतु निरामया की कल्पना साकार हो सकती है।