Rajsamand

सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें सामने आती रहती है। ऐसी ही अफवाह ने शनिवार को राजसमंद जिले समेत पूरे राजस्थान में आग में घी डालने का काम किया।

एक हेड कांस्टेबल, जो की भूमि विवाद की जांच करने गया था, उसकी कुछ समाज कंटक द्वारा पीछे से हमला कर हत्या कर दी गई।

इस मामले को लोगों ने धार्मिक रंग देते हुए मॉब लिंचिंग होने की अफवाह उड़ा डाली। इसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से मैसेज वायरल होने लगे।

बताया जा रहा है कि भीम उपखंड क्षेत्र के बरार ग्राम पंचायत के राजस्थान गांव में एक भूमि विवाद की जांच करने के लिए पास के थाने से हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी शनिवार को गए थे।

जिन पर वापस आते वक्त कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमले के बाद गंभीर अवस्था में अब्दुल गनी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस देर रात तक हमलावरों को तलाश रही थी, जबकि सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने लगी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने मोब लिंचिंग होने की अफवाह उड़ा ली।

उदयपुर रेंज आईजी बिनीता ठाकुर ने इस पूरे मामले में मॉब लिंचिंग से साफ इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि स्थानीय पुलिस गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है और हेड कांस्टेबल गांव में मौका नक्शा रिपोर्ट बनाने गया था।

लौटते वक्त पीछे है तीन-चार युवकों ने हमला कर दिया। हमलावर कौन थे यह पता नहीं लग पाया है। भीड़ के द्वारा यह घटना कारित होने की बात बिल्कुल झूठ है।

बता दें कि अब्दुल गनी तफ्तीश के लिए गए थे। वहां से वापस लौटते वक्त गांव से 1 किलोमीटर दूर सुनसान सड़क पर कुछ लोगों ने उस को निशाना बना लिया। उसके सिर पर पीछे से किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था।

कुछ लोगों के द्वारा सड़क पर अचेत मिले और उनको अस्पताल पहुंचाया गया। अब्दुल गनी भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील के रहने वाले हैं।