जयपुर।

भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने दावा करते हुए कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने राजस्थान में बीजेपी की हार के बाद स्वर्ण वर्ग को आरक्षण की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।

तिवाड़ी ने कहा कि हम लगातार भाजपा को समझाते रहे कि वसुंधरा राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ोगे तो हार निश्चित है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे चार साल तक प्रदेश में घूम—घूम कर हमने माहौल बनाया और विशेषकर हमने जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, करौली, भरतपुर, धौलपुर और पूर्वी जिले हमारे कार्यक्षेत्र रहे।

तिवाड़ी ने कहा कि हमने जितनी भी लड़ाई लड़ी उसका लाभ कांग्रेस को मिला और उसकी सरकार बन गई। उन्होंने कहा कि पर तब भी इन सबके बीच हमने एक भ्रष्ट और निरंकुश सरकार की सत्ता को समाप्त कर विजयश्री प्राप्त की है। इसलिए भारत वाहिनी पार्टी प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिये और लोकतंत्र के पक्ष में जो भी रीति नीति बनेगी उन पर निष्ठापूर्वक कार्य करेगी।

तिवाड़ी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भाजपा की जब स्थापना की तब पार्टी का पहला चुनाव हारे थे। इसी प्रकार बहुजन समाजवादी पार्टी के संस्थापक काशीराम जी भी अपनी पार्टी के पहले चुनाव हारे थे। इसी प्रकार घनश्याम तिवाड़ी की पार्टी भारत वाहिनी भी पहला चुनाव हारी है।

प्रदेश के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने कहा मेरे राजनीतिक जीवन की सफलता में आज का दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिसके लिये मैं पिछले 15 वर्षों से लड़ रहा हूं वो आज मुझे हासिल हो रहा है।

राजस्थान पहला प्रदेश है, जिसमें आज से 15 साल पहले सीकर के रामलीला मैदान में वंचित वर्गों के आरक्षण की मांग उठी थी। तिवाड़ी ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य रहा कि 16 जुलाई 2008 को विधि मंत्री के नाते मैंने यह वंचित वर्ग का बिल पेश किया और सर्वसम्मति से पास हुआ।

उन्होंने कहा कि आज उस बिल को अमली—जामा पहनाने का बिल भारत की लोकसभा में पेश हो गया है। मैं समझता हूं कि मेरे राजनीतिक जीवन की यह सबसे अच्छी शुरूआत है।

तिवाड़ी ने कहा कि वंचित वर्ग को आरक्षण की भावना को सूत्र बनाकर ही मैंने ‘आरक्षण — सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ नाम की पुस्तक सितंबर 2003 में लिखी। जिसमें आरक्षण का फार्मूला दिया जिसे ‘आरक्षण का तिवाड़ी फार्मूला’ के नाम से बोला जाने लगा।

जिसके बाद 2013 में एक और पुस्तक ‘आरक्षण — मेरी भूमिका’ नाम से प्रकाशित कर सभी राजनीतिक दलों को प्रेषित की थी। इसके अलावा मैंने वंचित वर्गों के आरक्षण को लेकर विधानसभा में 6 बार भाषण दिया।

उन्होंने कहा राजस्थान की विधानसभा में इस समय 14 प्रतिशत ईबीसी वर्ग का बिल पास किया हुआ है, जिसपर राज्यपाल के हस्ताक्षर भी किये हुए हैं। इस बिल पर केवल नोटिफिकेशन ही जारी करना है।

इस संशोधन से उसमें 4 प्रतिशत की कमी आयेगी। अत: हमारी मांग है कि आरक्षण की सीमा तय करने का काम राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए।

तिवाड़ी ने कहा भारत सरकार ने सवर्ण आरक्षण लोकसभा में पेश किया है जिसके लिये वह धन्यवाद की पात्र है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार हिंदुस्तान भर में आरक्षण से वंचित लोगों की जनसंख्या लगभग 33 करोड़ है।

जिनमें 1 करोड़ 40 लाख को छोड़कर सभी को इस घोषणा के अंर्तगत लाभ मिलेगा। इसी प्रकार राजस्थान की कुल जनसंख्या 7.5 करोड़ है, इनका कुल 31 प्रतिशत यानि 2 करोड़ 10 लाख वंचित वर्ग में शामिल है। इनमें से 4 प्रतिशत यानि 10 लाख लोगों को छोड़कर सबको वंचित वर्ग के आरक्षण का लाभ मिलेगा।

तिवाड़ी ने कहा कि मैंने विधानसभा चुनावों से पूर्व ही कहा था कि यदि इन चुनावों में वंचित वर्ग के लोग अगर भाजपा को हरा देंगे तो वंचितों को लोकसभा चुनावों से पूर्व ही सवर्ण आरक्षण मिल जायेगा।

उन्होंने कहा कि यही एकजुटता अगर वंचित वर्ग कायम रखेगा तो सभी राजनीतिक दल इस आरक्षण को लागू करवाने में सहायता करेंगे। वंचित वर्ग को में इस बात का धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने भाजपा को आईना दिखा दिया।