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रामगोपाल जाट।
राजस्थान में चुनाव नजदीक आने के साथ ही नेताओं का दल बदलने का सिलसिला चल पड़ा है। दौसा—सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हरीश चंद्र मीना ने आज कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से मुलाकात के बाद आज दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय में मीना ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मीना के साथ ही नागौर से बीजेपी विधायक हबीबुर्रहमान अशरफी लांबा ने भी कांग्रेस ज्वाइन कर ली। लांबा 2013 में ही चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे।

बीजेपी द्वारा टिकट काटे जाने से नाराज लांबा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। मीना भी पिछली बार बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़कर दौसा—सवाई माधोपुर से के सांसद बने थे।

इससे पहले हरीशचंद्र मीना राजस्थान में पुलिस महानिदेशक थे, लेकिन वसुंधरा सरकार द्वारा उनको हटा दिया गया था। मीना ने वीआरएस लेकर बीजेपी के ही टिकट पर मोदी लहर में लोकसभा चुनाव लड़ा था।

बताया जा रहा है कि किरोड़ीलाल मीणा के फिर से भाजपा में जाने के कारण हरीश मीना का कद घट गया था, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली।

इसलिए कहा जा रहा है कि हरीश मीना के इस निर्णय के पिछे डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ही बड़ा कारण है। डॉ. मीणा के बीजेपी में शामिल होने से पूर्वी राजस्थान के मीणा वोटर्स में काफी बदलाव आ गया है।

इसके चलते बीजेपी में सांसद हरीश मीणा का प्रभाव भी कम होने लगा था। आपको यह भी बता दें कि उनके बड़े भाई नमोनारायण मीणा कांग्रेस में बड़े नेता माने जाते हैं।

वह मनमोहन सिंह की सरकार में केबिनेट मंत्री रह चुके हैं। नमोनारायण को हराकर ही हरीश मीना सांसद बने थे।

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