दिल्ली/जयपुर/लखनऊ/नई दिल्ली।

27 नवंबर 2018 को अलवर जिले से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा भगवान हनुमानजी को दलित कहे जाने का विवाद अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है।

योगी आदित्यनाथ के बाद भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक बक्कल नवाब द्वारा हनुमानजी को मुसलमान बताया गया। उन्होंने कहा कि जैसे रहमान, रमजान आदि नाम मुसलमान मजबूत है वैसे ही हनुमानजी भी मुसलमान थे।

आज सुबह सुबह ही उत्तर प्रदेश के बागपत से सांसद और मोदी सरकार में मंत्री सत्यपाल ने हनुमानजी को जाट बताया। उन्होंने कहा कि हनुमानजी वह सब करते थे जो जाट करते हैं।

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसी की भी मुसीबत देखकर जाट बीच में कूद पड़ते हैं, ठीक यही काम हनुमानजी करते थे, इसलिए भगवान हनुमानजी जाट थे।

योगी के मंत्री द्वारा विधान परिषद में हनुमानजी को जाट बताए जाने के बाद बहुजन समाजवादी पार्टी के विधायक और मुस्लिम विधायकों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद विधान परिषद में काफी हंगामा हुआ।

लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा, इसके बाद सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि हनुमानजी चीनी थे। कीर्ति आजाद ने कहा कि हनुमानजी धर्म से मुसलमान थे और समुदाय से दलित थे, लेकिन वह चीनी थे।

सांसद कीर्ति आजाद के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर आक्रामक हो गई। पार्टी की तरफ से एक विधायक ने फिर बयान जारी किया कहा कि हनुमान जी हिंदू थे, मुसलमान नहीं थे।

बरसों से गांव में यह बात प्रचलित रही है कि हनुमानजी जाट थे, क्योंकि उन्होंने बिना वजह भगवान राम की पत्नी सीता को लेने के लिए लंका में आग लगा दी थी। इस बात को जाट समाज के लोगों द्वारा बिना वजह ही दूसरे के प्रपंच में पड़ने से जोड़कर देखा जाता है।

गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान एक आम सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने 27 नवंबर 2018 को अलवर में कहा था कि हनुमानजी वंचित, वनवासी और दलितों के तारणहार थे

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