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जयपुर।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आज क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा और नियमित तौर पर बोतल का चुनाव चिन्ह भी मिल गया। अब बेनीवाल की पार्टी प्रदेशभर में हमेशा बोतल के चुनाव चिन्ह पर विधानसभा, लोकसभा समेत सभी चुनाव लड़ सकेगी।

इससे पहले लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व रालोपा से बोतल का चुनाव चिन्ह छीनकर गुजरात की एक पार्टी को दे दी दिया गया था। दरअसल, गुजरात की पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, जबकि बोतल का चिन्ह रालोपा को नियमित तौर पर आवंटित नहीं हुआ था, वह अस्थाई चिन्ह था।

अब बात करते हैं रालोपा को क्षेत्रीय पार्टी का रुतबा मिलने और बोतल का चुनाव चिन्ह वापस मिलने की। दरअसल, किसी भी पार्टी को क्षेत्रीय पार्टी या राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के लिए चुनाव आयोग के द्वारा कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है।

इनमें क्षेत्रीय पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में कम से कम 6 प्रतिशत वोट हासिल करने या दो विधायक होने की शर्त है। इसको रालोपा पूरी करती है। इसके साथ ही हर 25 लोकसभा सीटों पर एक लोकसभा सीट ऐसी पार्टी के पास होनी चाहिए।

इस शर्त को पूरी करते हुए रालोपा के संयोजक खुद हनुमान बेनीवाल नागौर से सांसद का चुनाव जीत चुके हैं। इसके साथ ही कुल मतों में से 6 प्रतिशत वोट हासिल करने की भी शर्त रालोपा पूरी करती है।

रही बात बोतल के चुनाव चिन्ह की, तो यह चिन्ह अभी तक किसी भी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी को स्थाई तौर पर आवंटित नहीं हुआ था। रालोपा ने क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए अप्लाई किया, तब बोतल को ही प्राथमिकता देते हुए बोतल का ही चुनाव चिन्ह अलॉट करने की गुहार लगाई थी।

चूंकी चुनाव आयोग के पास यह चिन्ह मौजूद था। इसलिए रालोपा को यह चुनाव चिन्ह हमेशा हमेशा के लिए आवंटित कर दिया गया। इस तरह से हनुमान बेनीवाल की पार्टी को एक बार फिर से बोतल का चिन्ह मिल गया।