—बंजारों सहित तमाम घुमन्तु जातियों के स्थाई पुनर्वास के लिये सरकार लाये एक्ट
Nagaur
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में नागौर के मानासर स्थित पशु प्रदर्शनी स्टेडियम में राजस्व ग्राम रामनाडा में उजाड़ी गई बंजारा समाज की बस्तियों के पुनर्वास पैकेज, नागौर उपखण्ड अधिकारी पर मुकदमा दर्ज करके उन्हें हटाने, रालोपा विधायकों सहित बंजारा समाज के लोगों पर दर्ज झूठे मुकदमों को वापस लेने समेत विभिन्न मुद्दों पर जनसभा और महापड़ाव आज दूसरे दिन भी जारी है। बेनीवाल के साथ इस महापड़ाव में नागौर सहित प्रदेश के विभिन्न आंचलों से हजारों लोगों ने भाग ले रहे हैं।

बंजारों सहित घुमंतू जातियों के स्थाई पुनर्वास के लिए रालोपा नीतिगत आंदोलन करेगी

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अब किसी बस्ती पर बुलडोजर नहीं चले, इसके लिए रालोपा नीतिगत आंदोलन चलाएगी। पूर्व सांसद और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं ज्योति मिर्धा पर कटाक्ष किया। बंजारा बस्ती पर प्रशासनिक कार्यवाही को फेसबुक के माध्यम से सही ठहराने वाली पूर्व सांसद डॉ ज्योति मिर्धा की फेसबुक पोस्ट पर चुटकी लेते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि फेसबुक पर लिखना और जमीन पर संघर्ष करने में बहुत फर्क है।

बेनीवाल ने कहा कि जिस सांसद के पैतृक गांव कुचेरा में सड़क बनाने के लिए मुझे आंदोलन करना पड़ा वो आज फेसबुक पर लंबे अंतराल से हार की बौखलाहट निकाल रही हैं। उन्होंन कहा कि दम है तो ज्योति मिर्धा उप चुनाव में उनका सामना करें।

सांसद ने अपने संबोधन में नागौर उपखण्ड अधिकारी को आड़े हाथों लेते हुए कहा की एक हठधर्मी अधिकारी खुद के स्तर को भुलाकर जनता के 2 चुने हुए विधायको का अपमान करता है। एसपी तथा कलेक्टर उपखण्ड अधिकारी पर मुकदमा दर्ज नहीं करने को लेकर जोर लगा रहे हैं, मगर वो यह नहीं भूलें की प्रोटोकॉल में एक विधायक मुख्य सचिव से बड़ा होता है। एसडीएम ने 2 दलित विधायको का अपमान किया जिसका अंजाम अशोक गहलोत सरकार को भुगतना पड़ेगा।

झूठे आश्वासन नहीं, ठोस कार्यवाही और नीतिगत निर्णय के बाद करेंगे आंदोलन समाप्त

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि घुमन्तु बंजारा समाज की संख्या भले ही कम हो परन्तु आज सर्व समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बंजारा समाज द्वारा पारम्परिक संस्कृति को जीवंत रखने व उनके आजादी में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज जिस बंजारा समाज पर अशोक गहलोत सरकार के प्रशासन ने दमनकारी नीति से कहर बरपाया, उसी बंजारा समाज ने देश की आजादी की लड़ाई में भी महत्पूर्ण योगदान दिया।

यह है मांगें

बंजारों के पुनर्वास की स्थाई व्यवस्था करना, तोड़े गए आशियानों की एवज में सामराउ प्रकरण की तर्ज पर आर्थिक पैकेज प्रत्येक परिवार को देना, नागौर के जिला कलेक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक के साथ उपखण्ड अधिकारी व वृताधिकारी नागौर व एससी एसटी सेल के सीओ को हटाने, प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित करना, 28 अगस्त को घर उजड़ने के सदमे व पुलिस लाठिचार्ज से घायल युवक की मृत्यु के लिए नागौर एसडीएम पर मुकदमा दर्ज करने,नागौर सहित प्रदेश भर में भूमिहीन व एससी/एसटी वर्ग के निर्धन जातियों के भूमिहीन परिवार को अंगोर आदि किस्म की भूमि पर वर्षो से काबिज लोगो हेतु स्थाई पट्टे जारी करने, भोपालगढ़ व मेड़ता विधायक द्वारा कोतवाली में एसडीएम के खिलाफ दर्ज मामले को मुकदमे में तब्दील किया जाए।