Hanuman beniwal RLP
Hanuman beniwal RLP

Jaipur news.

विधानसभा चुनाव (Assembly election) से ठीक 20 दिन पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के रूप में अपना राजनैतिक दल खड़ा कर राज्य की 57 सीटों पर चुनाव लड़कर हनुमान बेनीवाल भारतीय जनता पार्टी या यूं कहें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सत्ता से बाहर करने में कामयाब रहे हैं।

हालांकि, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी केवल 3 सीटों पर चुनाव जीतने में कामयाब रही, लेकिन नए नवेले दल ने भाजपा को सत्ता से बाहर करने और कांग्रेस को पूर्ण बहुमत हासिल करने पर रोक लगाने में सफलता पाई।

पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल खींवसर विधानसभा से विधायक बने, तो इसी दल के भोपालगढ़ से पुखराज गर्ग और मेड़ता से इंदिरा देवी ने चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की।

इसके अलावा जैसलमेर की बायतु विधानसभा सीट समेत करीब 20 विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर बीजेपी-कांग्रेस के वोट काटने में कामयाब रहे।

नागौर, सीकर, अजमेर, चूरु, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर समेत तकरीबन आधे राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को बड़े पैमाने पर वोट हासिल हुए। अब उसी वोट बैंक को आधार मानते हुए आरएलपी लोकसभा चुनाव में दम ठोकने की तैयारी कर रही है।

पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने दावा किया है कि बहुजन समाज पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय ट्राइबल पार्टी जैसे छोटे दलों के साथ गठबंधन कर कांग्रेस भाजपा को धूल चटा देंगे।

बेनीवाल ने दावा किया है कि इन सभी छोटे राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन पर प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने तो कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी और ना ही भारतीय जनता पार्टी के साथ।

वसुंधरा राजे को घर बैठाने के बाद अब गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोला है हनुमान बेनीवाल ने

हनुमान बेनीवाल ने खुद इस बात का दावा किया है कि वह विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखा कर भाजपा और वसुंधरा राजे को घर बैठा चुके हैं, अब इसी तरह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी राज्य की सत्ता से बाहर करने की प्लानिंग है।

भले ही हनुमान बेनीवाल इस बात को स्वीकार नहीं करें, लेकिन इतना तय है कि परोक्ष रूप से उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की मदद कर रहे हैं।

दरअसल, जैसे-जैसे राजस्थान में अशोक गहलोत कमजोर होंगे, वैसे-वैसे कांग्रेस पार्टी में सचिन पायलट का कद बढ़ता जाएगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं, इस नाते अशोक गहलोत ही लोकसभा चुनाव के अच्छे और बुरे परिणाम के लिए जिम्मेदार होंगे।

यदि बेनीवाल की प्लानिंग ठीक रही और कांग्रेस पार्टी राजस्थान में कम से कम सीटें जीतती है, तो गहलोत के मुकाबले सचिन पायलट का कद बढ़ जाएगा।

ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत की कुर्सी खतरे में होगी, तो सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की गुंजाइश को बल मिलेगा।