hanuman beniwal and ashok gehlot
hanuman beniwal and ashok gehlot

—बेनीवाल ने कहा: जोधपुर में अशोक गहलोत के बेटे को 2 लाख वोटों हरा दो।

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर देशभर में गदर मचा हुआ है। राजस्थान की सभी 25 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मारकाट मची हुई है। लेकिन देश की नजर जिस संसदीय क्षेत्र पर है, वह है राज्य की जोधपुर लोकसभा सीट।

यहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के जरिए खुद अशोक गहलोत चुनाव लड़ रहे हैं। जोधपुर में गहलोत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वैभव भले ही पहली बार चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन अशोक गहलोत इसी सीट से 5 बार सांसद रह चुके हैं। अपनी युवावस्था में 1980 से जोधपुर का गढ़ बनाकर जीत रहे अशोक गहलोत को जितना जोर इस बार लगाना पड़ रहा है, उतना शायद कभी नहीं लगाना पड़ा हो।

इस चुनाव में सबसे अधिक जिस बात से गहलोत घबराए हुए हैं, वह है जाट—राजपूत समाज का एक हो जाना। दोनों समाजों की राजनीतिक दूरियां मिटाते हुए वर्तमान सांसद और बीजेपी के उम्मीदवार गजेंद्र सिंह शेखावत के पक्ष में उतरे हैं दिग्गज किसान नेता हनुमान बेनीवाल। यूं तो हनुमान बेनीवाल ने टिकट मिलने के साथ ही ऐलान कर दिया था कि जोधपुर में अशोक गहलोत के बेटे को कम से कम 2 लाख वोटों से हाराना है।

अपने दावे पर कायम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर में बुधवार को चुनाव प्रचार की रणभैरी फूंक दी है। अपने धुंआधार दौरों के बीच बेनीवाल ने दिनभर जोधपुर और राजसमंद की संसदीय सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार गजेंद्र सिंह शेखावत और दीय कुमारी के पक्ष में जमकर प्रचार किया।

आपको याद होगा प्रदेश में नरेंद्र मोदी के साथ चार साल में राजस्थान की सबसे बड़ी जन सभाएं करने में बेनीवाल का कोई सानी नहीं है। जयपुर से लेकर बाड़मेर तक बेनीवाल की तूती बोलती है। उनके एक इशारे पर युवा, किसान और जवान खिचें चले आते हैं।

लाखों की भीड़ एकत्रित करना बेनीवाल के बाएं हाथ का खेल है। सोशल मीडिया पर बेनीवाल राजस्थान में सभी दलों के नेताओं से कोसों आगे हैं। जब बेनीवाल जनसभा करते हैं तो फेसबुक पर लाइव भाषण देखने के मामले में उनके साथ पीएम मोदी के बाद सबसे ज्यादा दर्शक होते हैं।

बेनीवाल ने बुधवार को अपनी चुनावी सभाओं में हूंकार भरते हुए एक बार फिर कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनको मंत्री बनाने का खूब लालच दिया, लेकिन वह देश को मजबूत बनाने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए मोदी को सपोर्ट करने के लिए भाजपा के साथ आएं हैं। उन्होंने जोधपुर की जनता से आव्हान कर हूंकार मारते हुए कहा कि गहलोत के बेटे को जोधपुर में कम से कम 2 लाख वोटों से हराकर घर भेजना है।

याद दिला दें कि जोधपुर में शरदारपुरा, सूरसागर, जोधपुर सिटी, फलौदी, लोहावट, शेरगढ़, लूणी और पोकरण विधानसभा सीटें शामिल है। अब तक हुए 16 लोकसभा चुनाव में जोधपुर में सबसे जयादा 8 बार कांग्रेस जीती है। उसके बाद 4 बार भाजपा की जीत हासिल हुई है। 3 बार निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं, जबकि 1977 में एक बार जनता दल के प्रत्याशी को जीत हासिल हुई थी।

व्यकि की बात करें तो सबसे ज्यादा 5 बार अशोक गहलोत जीते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत को 7 लाख 13 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि मात खाने वाली कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रेश कुमारी को 3 लाख 3 हजार से अधिक वोट मिले। यानी करीब 4 लाख और 10 हजार से ज्यादा वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा था।

बहरहाल, पूरी कांग्रेस पार्टी जोधपुर में जुटी हुई है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि अशोक गहलोत ने जोधपुर में पूरी सरकारी मशीनरी भी झोंक दी है। जबकि सूत्रों का दावा है कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी गहलोत के बेटे ​के खिलाफ जोधपुर में प्रचार करने नहीं जा रही हैं।

दूसरी तरफ अशोक गहलोत भी झालावाड़ में वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह के खिलाफ प्रचार करने नहीं जाएंगे। सियासी हलकों में चर्चा है कि भले ही दो दलों से हों, लेकिन असल में अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे एक ही पाले में हैं।

भाजपा सूत्रों का दावा है कि वसुंधरा राजे जोधपुर के अलावा बीकानेर, नागौर जयपुर ग्रामीण में भी प्रचार करने नहीं जाएंगी। बीकानेर में अर्जुनराम मेघवाल, नागौर में रालोपा के हनुमान बेनीवाल और जयपुर ग्रामीण से कर्नल राज्यवर्धन सिंह मैदान में हैं। इन सभी को वसुंधरा राजे का सियासी प्रतिद्वंद्वि माना जाता है।