जयपुर।

पिछले 10 साल से लगातार विधानसभा में किसानों, गरीबों और मजलूमों की आवाज बने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल का 15वीं विधानसभा सत्र के दूसरे चरण में अपना जादू बिखेर रहे हैं।

सदन में आज सुबह प्रश्नकाल से लेकर बाद में भी किसानों, बेरोजगारों और गुर्जर आरक्षण को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा विधायक हनुमान बेनीवाल की रणनीति में फंसकर रह गई। वो चाहकर भी इन मुद्दों को लेकर सरकार से दो-दो हाथ नहीं कर पाई।

सदन में सरकार को घेरने के तमाम मोटे मुद्दों को बीजेपी द्वारा हाईजैक करने के प्रयास पर हनुमान बेनीवाल पानी फेर दिया और सदन के सितारे बन गए। इसके चलते उनके समर्थकों में भी खुशी की लहर है।

आपको बता दें कि विधायक हनुमान बेनीवाल ने गाहे-बगाहे सरकार को हर मुद्दे पर घेरते रहे हैं। लेकिन इस बार ऐसा लग रहा है कि बेनीवाल के आगे सरकार खुद ही सरेंडर कर चुकी है।

जबकि बीते दिनों बेनीवाल ने राजस्थान विवि में चल रहे धरनों और अनशन को तुड़वाकर युवाओं की नज़रों में आदर्श बन चुके हैं।

सदन में उनके हमले भी सरकार के बजाए इस बार विपक्षी दल पर ज्यादा नज़र आ रहे हैं। इसका फायदा जहां कांग्रेस की सत्तारूढ़ सरकार उठाने की कोशिश कर रही है, वहीं बेनीवाल खुद भी मजबूत बनते दिख रहे हैं।

आपको याद दिला दें कि सरकार की आलोचनात्मक नीतियों की खिलाफत करते हुए वर्तमान राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा सारे मीणा समाज में हीरो बने हुए थे, लेकिन 2018 में जैसे ही उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की, वैसे ही उनके समर्थकों ने दूरी बना ली।

हालात यह हो गए हैं कि सांसद मीणा के द्वारा अपने दम पर टिकट दिलाकर दौसा-सवाई माधोपुर जिलों में कई सीटों पर विधानसभा चुनाव में जिताने का दावा किया गया था, लेकिन खुद की पत्नी गोलमा देवी को भी जिताने में कामयाब नहीं हुए।