Hanuman beniwal nagaur RLP
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Nagaur news.

राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव जीतने के साथ ही नागौर की राजनीति में सक्रिय हुए हनुमान बेनीवाल ने बीते 17 बरस में जिले की सियासत को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

जिले में आज उनकी अनुमति के बिना बीजेपी और कांग्रेस का कोई वजूद नहीं है। दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव से 20 दिन पहले ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के रूप में खुद का सियासी दल खड़ा करने वाले हनुमान बेनीवाल साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।

अब भी हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस की संभावित उम्मीदवार ज्योति मिर्धा के बीच सियासी हमले आम बात है। नागौर जिले की बात की जाए तो बलदेव राम मिर्धा, नाथूराम मिर्धा, रामनिवास मिर्धा के वक्त राजनीति पश्चिमी राजस्थान की राजनीति इसी जिले के आसपास रहा करती थी।

लेकिन इन दिग्गज नेताओं के पतन के साथ ही जिले में सियासत ने भी करवट ले ली। आज की तारीख में नागौर में हनुमान बेनीवाल अकेले दिग्गज राजनेता हैं।

कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में अगर कांग्रेस या भारतीय जनता पार्टी में से किसी एक ने हनुमान बेनीवाल के साथ राजनीतिक गठजोड़ नहीं किया तो दोनों ही पार्टियों को मुंह की खानी पड़ सकती है।

वैसे तो हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा चुनाव के बाद सचिन पायलट का समर्थन करते हुए कहा था कि अगर अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो वह कांग्रेस का समर्थन करेंगे।

लेकिन उनके कहे अनुसार कुछ नहीं हुआ। एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी हनुमान बेनीवाल के साथ गठजोड़ करने की उम्मीद भले ही कर रही हो, लेकिन इसकी संभावना नहीं के बराबर है।

उल्लेखनीय है कि बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने विधानसभा चुनाव में नागौर की खींवसर सीट के अलावा जोधपुर की भोपालगढ़ और नागौर की ही दूसरी सीट से जीत दर्ज की थी।