Tonk/jaipur.

टोंक जिले में कॉन्स्टेबल मुकेश चौधरी की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है।

बेनीवाल ने कहा है कि अगर इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वह खुद सड़क पर उतरेंगे और फिर जो कानून व्यवस्था की स्थिति होगी, उसके लिए जिला प्रशासन और जिला पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे।

बेनीवाल ने कहा: लगता है मुझे फिर सड़क पर उतरना पड़ेगा? 1

हनुमान बेनीवाल ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीडी चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह से नागौर में बंजारा समाज के लिए उन्होंने आंदोलन किया था, ठीक वैसे ही मुकेश चौधरी के लिए भी सड़क पर उतर सकते हैं।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए इस बारे में जानकारी दी तो सोशल मीडिया पर हलचल मच गई।

बेनीवाल ने कहा: लगता है मुझे फिर सड़क पर उतरना पड़ेगा? 2

कांस्टेबल मुकेश चौधरी की हत्या के मामले को लेकर जारी धरना और अनशन तीसरे दिन बुधवार को समाप्त हो गया।

मौके पर पहुंचे SP आदर्श सिदधू व सीआईडी सीबी के ASP रेवंतदान सिंह समेत अन्य अधिकारियों की ओर से एक माह में हत्या के खुलासे का आश्वासन और अन्य मांगों पर बनी सहमति बनी।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को पूर्व जिलाध्यक्ष राम विकास चौधरी के नेतृत्व में डिप्टी सीएम सचिन पायलट से मिले थे। कांस्टेबल मुकेश की हत्या गाने मामले की पूरी जानकारी से अवगत कराया था।

इसके बाद उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मामले में दखल दिया। वह बुधवार को धरना व अनशन स्थल पर पहुंचे और आश्वासन दिया।

मालपुरा विधायक कन्हैयालाल चौधरी, जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी, पूर्व विधायक अजीत मेहता, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल चौधरी, शंकर वजीरपुरा समेत कई जनप्रतिनिधि और अन्य नेता मौजूद रहे।

इधर, हाइवे जाम की आशंका को लेकर पुलिस ने बुधवार सुबह 8 से शाम 4 बजे तक जयपुर कोटा हाइवे को टोंक और छान के बीच 8 घंटे बंद रखा।

इससे वाहनों को छान और टोंक से दूसरे मार्गोंं से डायवर्ट किया गया। संघर्ष समिति की ओर से की गई घोषणा के चलते सुबह कस्बे के बाजार भी पूर्णतया बंद रहे। इससे लोगों को आवश्यक सामानों के लिए भटकना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि मेहंदवास निवासी मुकेश चौधरी की 26 जुलाई को राजमार्ग किनारे अज्ञात हमलावरों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी।

इसके चलते कस्बे में पुलिस थाने के पास परिजन और सर्व समाज के लोग पिछले तीन दिनाें से धरना दे रहे थे। इसके साथ ही पांच युवक अनशन पर थे।

धरने में बुधवार को तीसरे दिन मेहंदवास समेत कई गांवों से लोग वाहनों में सवार होकर पहुंचे।

इन्हें पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामबिलास चौधरी, नेता सुनील बंसल, डीआर रामचन्द्र खरेडा, प्रधान जगदीश गुर्जर, चन्द्रवीरसिंह चौहान, किरोडी मीणा, रामधन पीपलू, देवकरण गुर्जर, कुलदीप गुर्जर, मोहम्मद जाकिर, नीलिमा आमेरा, लक्ष्मीनारायण छान, भंवर लाल नायक, राधेश्याम डोई, प्रभु बाडोलिया, सलीमुददीन खां, हंसराज गाता ने सम्बोधित किया।

इस मौके पर मालपुरा एएसपी समेत एसडीएम जगदीश आर्य, तहसीलदार सुरेश शर्मा समेत जिलेभर से आए पुलिस अधिकारी और जाप्ता मौजूद रहा।

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इधर, धरने के बीच लोग एसपी और अन्य अधिकारियों को मोके पर बुलाने की मांग करने लगे। इसके बाद एसपी व सीआईडी सीबी के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

बंद कमरे में चली डेढ घंटे की वार्ता के बाद 30 दिन में हत्या का खुलासा करने समेत सरकारी सुविधाएं दिलाने, अनुकंम्पा नौकरी देने, पुलिसकर्मियों का काटा गया एक दिन का वेतन दिलाने समेत अन्य मांगों पर आम सहमति बनी।

इसके बाद एसपी व अन्य जनप्रतिनिधियों ने धरनार्थियों के बीच सहमति की घोषणा की। बाद में सभी ने ज्यूस पिलाकर पांचों युवकों का अनशन तुडवाया।