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जयपुर/नागौर।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनेता टिकट की तलाश में कांग्रेस से भाजपा में और भाजपा से कांग्रेस में पार्टी बदलने का काम कर रहे हैं।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी द्वारा पार्टी छोड़कर नया राजनीतिक दल बनाने के साथ शुरू हुआ क्रम किरोड़ीलाल मीणा, मानवेंद्र सिंह, बिंदु चौधरी, नारायण राम बेड़ा, विजय पूनिया, उषा पूनिया, फूल चंद मीणा, प्रतिभा सिंह समेत कई नेता इधर-उधर हो चुके हैं

इस बीच राजस्थान में सियासी पार्टियों द्वारा अपने राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए सियासत के तमाम हथकंडे अपनाने का काम शुरू किया जा चुका है।

प्रदेश में तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने का दावा करने वाले निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल के लिए उन्हीं के गांव की डॉ. अनीता बेनीवाल ने खींवसर विधानसभा से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

बताया जा रहा है कि डॉ. अनीता बेनीवाल विधायक हनुमान बेनीवाल की भतीजी हैं, और भारतीय जनता पार्टी उनको टिकट देकर मैदान में उतार रही है।

डॉ अनीता बेनीवाल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने आगे बढ़कर उनको हनुमान बेनीवाल के विरुद्ध खींवसर विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए टिकट ऑफर किया है।

उनका कहना है कि वह पूरी तरह मैदान में उतर चुकी है, अब अगर किसी सूरत में बीजेपी उनको टिकट नहीं देती है तो भी वह पीछे हटने वाली नहीं है, और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी।

ऐसे माना जा रहा है कि हनुमान बेनीवाल के गांव में, उनके ही परिवार में भाई लगने वाले पूर्व सरपंच स्वर्गीय राम प्रसाद बेनीवाल की बेटी अनीता बेनीवाल को बीजेपी हनुमान बेनीवाल को, उन्हीं के गढ़ में घेरने के लिए यूज करने का प्लान बना चुकी है।

इधर, बीजेपी सूत्रों का दावा है कि जिस तेजी से हनुमान बेनीवाल तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर कवायद कर रहे हैं, उससे न केवल कांग्रेस पार्टी को नुकसान होने वाला है, बल्कि भाजपा खुद भी सियासी सकते में है।

अपने निर्वाचन क्षेत्र खींवसर से चुनाव जीतने के लिए आश्वस्त हो चुके विधायक हनुमान बेनीवाल को उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में घेरकर राज्य के दूसरे हिस्सों में प्रचार-प्रसार से रोकने के लिए बीजेपी द्वारा यह कवायद की गई है।

बीजेपी का मानना है कि हनुमान बेनीवाल यदि खींवसर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करते हैं तो वह प्रदेश के दूसरे हिस्सों में अपने उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे, और ऐसे में बीजेपी के वोट कटने से रह जाएंगे।

इधर हनुमान बेनीवाल ने दावा किया है कि राजस्थान में जनता कांग्रेस पार्टी और बीजेपी के गठजोड़ से परेशान हो चुकी है। यहां पर भी इस बार दिल्ली की तरह उनकी पार्टी को लोग समर्थन देंगे और तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने में वह कामयाब होंगे।