जयपुर।
नागौर के सांसद और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष रहे हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की वकालत की है।

बेनीवाल ने केंद्रीय एमएचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को धन्यवाद देते हुये कहा कि राजस्थान का सबसे पुराना और सबसे पहला विवि होने के बावजूद शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है।

जहां पर जयपुर ही नहीं, आसपास के सभी जिलों से विद्यार्थी अध्ययन के लिये आते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी होने के कारण अब शोध कार्य भी अटकने लगे हैं।

ऐसे में इस वृह्द विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दें, ताकि केंद्र सरकार से और विवि अनुदान आयोग से अधिक बजट मिल सके और शिक्षकों की कमी दूर हो सके।

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान विवि के वह खुद भी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए विवि के बारे में अच्छे से जानते हैं।

गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल 1994 के दौरान राजस्थान कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। उसके बाद 1995 और 1996 में विवि परिसर में ही संचालित लॉ कॉलेज के अध्यक्ष रहे।

इसके बाद 1997 में के दौरान हनुमान बेनीवाल को राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हुआ था। उनके संघर्ष को आज भी विवि में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

इसके बाद बेनीवाल 2003 में विधायक का चुनाव लड़ा, किंतु हार गये। साल 2008 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर खींवसर से चुनाव लड़ा और जीत गये।

साल 2013 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर दूसरी बार सदन में जाने का गौरव पाया था। इसके बाद साल 2018 में खुद की पार्टी, आरएलपी के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल ने भाजपा के साथ गठबंधन कर नागौर से संयुक्त उम्मीदवार बन कांग्रेस की ज्योति मिर्धा को करारी शिकस्त दी। अभी वह नागौर से आरएलपी के एकमात्र सांसद हैं।