hanuman beniwal nagaur
hanuman beniwal nagaur

जयपुर।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया और पार्टी के एकमात्र सांसद हनुमान बेनीवाल को गठबंधन में होने के बावजूद मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर उनके समर्थकों में गहरा रोष व्याप्त है।

इस बीच बेनीवाल के मंत्री नहीं बनने के पीछे की कहानी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि बेनीवाल को अमित शाह ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करने को कहा था।

जिसके बदले हनुमान बेनीवाल को नरेंद्र मोदी के मंत्रिंड़ल में राज्यमंत्री बनाए जाने की बात हुई, लेकिन अपनी धुन के पक्के कहे जाने वाले बेनीवाल ने पार्टी का विलय करने से साफ इनकार कर दिया।

बताया जाता है कि जिस तरह से किरोड़ीलाल मीणा को आज राज्यसभा सांसद तो बना दिया गया है, लेकिन उनका राजनीतिक कद घट गया है। ऐसे में यही जौखिम बेनीवाल नहीं लेना चाहते थे।

हनुमान बेनीवाल ने अमित शाह का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और उनको परिणामस्वरूप मंत्रिमंड़ल में स्थान नहीं दिया गया। बताया यह भी जा रहा है कि बेनीवाल अब राज्य की राजनीति में अपनी ताकत का जमकर इस्तेमाल करेंगे।

यह भी माना जा रहा है कि खींवसर में होने वाले विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा और रालोपा में कलह हो सकती है। दोनों ही यहां से विधायक का टिकट अपना चाहेंगे।

अगर बेनीवाल को मोदी के मंत्रिमंड़ल में शामिल किया जाता तो फिर खींवसर की सीट पर भाजपा के उम्मीदवार की दावेदारी अधिक हो जाती, किंतु जिस तरह से समीकरण बदले हैं, उससे साफ हो गया है कि बेनीवाल यह सीट किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेंगे।

किसानों, जवानों और गरीबों के लिए लड़ने वाले बेनीवाल ने मंत्रिमंड़ल गठन की सुविधा से बाहर आते हुए आज ही नागौर में निजी निवास पर जनसुनवाई शुरू कर दी।