hanuman beniwal narendra modi
hanuman beniwal narendra modi

जयपुर।

लोकसभा चुनाव 2019 के सभी 542 सीटों के नतीजे आ चुके हैं भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार 300 सीटों का आंकड़ा क्रॉस करते हुए 303 सीटों पर जीत दर्ज की है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने 353 सीटों पर जीत हासिल की है।

राजस्थान की सभी 25 की 25 सीटें लगातार दूसरे लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई है, हालांकि इनमें से एक सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नाम से जानी जाएगी।

क्योंकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के कारण हनुमान बेनीवाल को एनडीए का उम्मीदवार बनाया गया था।

हनुमान बेनीवाल ने नागौर में करीब 181000 से ज्यादा मतों से अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योति मिर्धा को करारी शिकस्त दी है। ज्योति मिर्धा लगातार दूसरा चुनाव आ रही है, ऐसे में उनका राजनीतिक करियर लगभग समाप्ति की तरफ है।

हनुमान बेनीवाल खींवसर विधानसभा चुनाव 16900 से ज्यादा वोटों से जीता था। केवल 6 महीने की बेनीवाल विधायक सांसद बन गए हैं।

जिस तरह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टाइल रही है, गठबंधन के साथियों को साथ लेकर चलने की उनकी एक अलग रणनीति रही है, उससे बहुत ही स्पष्ट है कि हनुमान बेनीवाल को उनकी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

यह बात तथ्यात्मक रूप से भी सही साबित होती है, जब हम देखते हैं कि आने वाले 2 साल के भीतर ही हरियाणा और दिल्ली में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं।

इन दोनों राज्यों में जाट मतदाताओं की संख्या बहुत बड़े पैमाने पर है और राजस्थान में हनुमान बेनीवाल को जाट नेता के तौर पर ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा चुका है।

हालांकि उन्होंने लोकसभा चुनाव में इस भ्रम को तोड़ने का पूरा प्रयास किया और 36 कोम का राजनेता बनने का नारा भी लगाया।

उन्होंने कहा कि वह केवल एक जाति के नेता नहीं हैं, बल्कि सभी 36 कोम के नेता हैं और सभी के लिए काम करेंगे।

लेकिन राजनीति में इस चीज को इनकार नहीं किया जा सकता कि जाति और धर्म की बात किए बिना चुनाव जीता जाए।

बहरहाल इस बात की चर्चा तकरीबन सभी राजनीतिक लोग कर रहे हैं कि हनुमान बेनीवाल के रूप में राजस्थान से एक मंत्री पद पक्का है।

इनके अलावा राजस्थान से राज्यवर्धन राठौड़, गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल के साथ ही पी पी चौधरी में से भी दो जनों को मंत्री बनाया जा सकता है।

इनके अलावा दो अन्य, यानी कि नए सांसदों को मंत्री बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है।

यदि गजेंद्र सिंह शेखावत को केंद्र में मंत्री बनाया जाता है तो इसका मतलब यह है कि राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की बागडोर किसी अन्य के हाथ में सौंपी जा सकती है।

फिलहाल चर्चा है कि राज्यवर्धन राठौड़ और गजेंद्र सिंह शेखावत में से एक को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा और एक को राज्य की बागडोर सौंपी जा सकती है।

राजस्थान में सियासी समीकरण बहुत तेजी से बदलने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में 2023 के विधानसभा चुनाव पर फोकस करने जा रही है।

उसके लिए अभी से नेतृत्व परिवर्तन की जाने की संभावना को बल मिला है। यह भी माना जा रहा है कि राजस्थान में सबसे बड़ा वोट बैंक होने के कारण जाट समाज से दो मंत्री केंद्र में बनाए जाए।

हालांकि लगातार दूसरी बार 25 में से 25 लोकसभा सीटें जीतने के कारण अब केंद्र में राजस्थान का कोई कैबिनेट मंत्री बन सकता है।

इससे पहले 2014 से 2019 के कार्यकाल में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को स्वतंत्र प्रभार मिला हुआ था, लेकिन कैबिनेट मंत्री कोई भी सांसद नहीं था।

हनुमान बेनीवाल को वैसे तो राज्य मंत्री बनाए जाने की चर्चा है, लेकिन यदि जातीय समीकरण को समझा जाए और उसके अनुकूल कोई फैसला लिया जाएगा तो संभव है कि हनुमान बेनीवाल या अन्य किसी सांसद को कैबिनेट मंत्री भी बनाया जा सकता है।

फिलहाल चर्चाएं हैं और चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन चर्चाओं में से ही बात निकल कर सामने आती है।

23 मई को शाम को 5:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उसे पहले संभव है यह जो 5 दिन का वक्त दिया गया है, वह अपने कैबिनेट और मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा के लिए ही हुआ है।