-हर बात की मंजूरी के लिए राहुल के पास दिल्ली जाना फिर प्रदेश के विधायक दल का क्या औचित्य।

जयपुर।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है।

बेनीवाल ने पार्टी की नवगठित सरकार के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के बाद विभागों के बंटवारे के लिए निर्णय राहुल गांधी के स्तर पर करवाने की बात को लेकर कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो प्रदेश में मतगणना के बाद एक हफ्ते तक सीएम तय नहीं पाई।

इसके एक पखवाड़े कर बाद मंत्रिमंडल को शपथ दिलवाकर विभागों के बंटवारे के लिए भी राहुल गांधी से पूछकर निर्णय करने की बात यह साबित करती है कि भाजपा के बाद कांग्रेस का भी आंतरिक लोकतंत्र खतरे में है।

उन्होंने कांग्रेस पर व्यंग्यात्मक टिपण्णी करते हुए कहा कि जिसको खुद को व्यवहारिक समझ नहीं, ऐसे व्यक्ति के पास राजस्थान का रिमोट कंट्रोल जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

बेनीवाल ने कहा कि आचार संहिता के बाद जनता ने नई सरकार को चुना और एक पखवाड़े तक मंत्रिमंडल नही बन पाए।

मंत्रिमंडल बन गया तो विभागों का बंटवारा नहीं होना इस बात की ओर इंगित करता है कि जनता की परवाह भाजपा व कांग्रेस दोनों को नहीं है।

बेनीवाल ने कहा कि जनहित से जुड़े कई मामलों में संबधित विभागों के मंत्री को निर्णय लेना पड़ता है। ऐसे में राजस्थान की जनता को और अब कितना इन्तजार करना पड़ेगा यह राहुल गांधी तय करेंगे।

बेनीवाल ने कहा कि राज्य का न तो सीएम, न ही मंत्री मंडल किसी बात के लिए स्वतंत्र है। क्योंकि छोटी से छोटी बात राहुल गांधी से पूछकर की जा रही है। ऐसे में प्रदेश के नीतिगत निर्णय भी राहुल के स्तर से होना राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

बेनीवाल ने कहा कि आज तक यही होता आया है कि प्रदेश में किसी भी दल की सरकार ने विधायक दल ही अपना नेता तय करता आया है, मगर पहली बार विधायक दल के नेता से लेकर मंत्री परिषद तक दिल्ली से तय हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अब विभाग के बंटवारे राहुल गांधी जैसे नेता के कहने पर हो रहे हैं, और इसमें में भी अनुभवी व वरिष्ठ किसान नेताओं की अनदेखी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।