-पार्टी में शुरू हुआ दावेदारों के नाम पर मंथन, जिताऊ चेहरों की तलाश में कांग्रेस
जयपुर।

चार माह बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस को प्रदेश में जिताऊ चेहरों की तलाश है।

राहुल गांधी के मिशन 2019 के तहत अभी से ही दावेदारों के नामों पर मंथन शुरू हो गया है।

बताया जाता है कि जिताऊ चेहरों की तलाश के लिए विधायकों और संगठन के नेताओं और पदाधिकारियों से भी फीडबैक लेने का काम शुरू कर दिया गया है।

जानकार सूत्रों की माने तो संगठन के स्तर पर इसे लेकर कवायद तेज हो गई है। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और चारों सह प्रभारियों को भी जिताऊ दावेदारों के बारे में फीडबैक लेने के निर्देश कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिए हैं।

बताया जाता है कि दावेदारों को लेकर शीघ्र ही दिल्ली में राहुल गांधी वॉर रूम में बैठक आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और चारों सह प्रभारी भी मौजूद रहेंगे।

आधा दर्जन विधायकों पर खेल सकते हैं दांव
पार्टी के जानकार सूत्रों की माने तो प्रदेश में आधा दर्जन विधायकों पर पार्टी दांव खेल सकती है।

बताया जाता है कि कई मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए कई विधायक ऐसे भी हैं जो लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

उनका मानना है कि अगर केंद्र में यूपीए की सरकार बनती है तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनका नंबर लग सकता है। वहीं कुछ लोकसभा क्षेत्र प्रदेश में ऐसे भी हैं जहां पार्टी के पास चुनाव के लिए उपयुक्त चेहरा नहीं है।

ऐसे में वहां वरिष्ठ विधायकों को लोकसभा चुनाव लड़ाने का विचार पार्टी के भीतर चल रहा है।

प्रदेश कांग्रेस का मिशन 25
दरअसल इस बार पार्टी को भी प्रदेश से खासी उम्मीदें हैं।

पार्टी नेताओं का लक्ष्य इस बार लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतना हैं, ऐसे में पार्टी दिग्गज विधायकों को भी लोकसभा चुनाव में उतारने का मन बना रही है।

जिन लोकसभा सीटों पर विधायकों को लड़ाने की चर्चा पार्टी के भीतर चल रही है उनमें धौलपुर-करौली, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर-बांसवाड़ा भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि 2009 में लोकसभा चुनाव में पार्टी को 25 में से 21 सीटों पर जीत मिली थी।

जबकि 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में प्रचंड मोदी लहर के चलते कांग्रेस को सभी 25 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।