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-विपक्ष ने साधा निशाना, सरकार की ओर से कोई वार्ता नहीं

जयपुर।

राजस्थान में आज से विधानसभा सत्र शुरू हो चुका है। इधर, राज्य की सबसे बड़ी समस्या गुर्जर आंदोलन उग्र हो गया है।

सरकार के तमाम दावों को धत्ता बताकर गुर्जर समाज ने पूर्वी राजस्थान की कानून व्यवस्था अपने हाथ में ले ली है।

आज से जयपुर-आगरा हाइवे और जयपुर-दिल्ली मार्ग को जाम करने की चेतावनी ने सरकार की नींद उड़ा दी है।

सरकार इस प्रयास में है कि गुर्जरों को आरक्षण को लाभ दिया जाए, लेकिन 2008 और 2015 में बने कानून की तरह लॉलीपॉप नहीं दिया जाए, जिससे कोर्ट में जाकर मामला फिर से अटक जाए।

गुर्जर नेता रेलवे ट्रैक पर ही आरक्षण का लेटर लेने पर अड़े हुए हैं।

इधर, विपक्ष की तरफ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि राज्य में किसी भी समाज द्वारा हिंसा नहीं होनी चाहिए, लेकिन सरकार को सार्थक बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि राज्य में कांग्रेस ने वादा किया था कि गुर्जर समाज को आरक्षण दिया जाएगा, तो अब सरकार अपना वादा पूरा करे।

दूसरी ओर उप नेता प्रतिपक्ष ने राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि सरकार पूरी तरह से विफल है, चुनाव से पहले किए गए वादे अधूरे होने से जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है।

कांग्रेस पार्टी अपने जन घोषणा पत्र को वोट की फसल काटने का जरिया बनाकर भूल चुकी है।
मंत्री और आईएएस को लगाया समाधान के लिए

सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता व्यवस्था की गई है। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के पवन भरतपुर में ढेरा डाले हुए हैं।

दोनों लगातार गुर्जर नेताओं के संपर्क में हैं, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत के लिए अभी कोई समय तय नहीं हो पाया है।

बीच-बचाव और समाधान के लिए बैंसला ने जहां मलारना डूंगर में सरकार को बुलाने की ठान रखी है, वहीं सरकार की ओर से नीरज पवन चाहते हैं कि गुर्जर नेता कम से कम मलारना डूंगर में एसडीएम कार्यालय तक पहुंचे।

गुर्जर आज सिकंदरा में आगरा हाइवे को बंद करने की चेतावनी दे चुके हैं। इसके चलते हाइवे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि गुर्जर आज ही दिल्ली मार्ग को भी बंद करने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने केंद्र सरकार से भी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के अतिरिक्त जाप्ते की मांग की है।
पायलट से मिले हिम्मत सिंह

सरकार दो स्तर पर बात कर रही है। एक मौके पर मंत्रियों के साथ गुर्जर नेताओं का संपर्क है, तो दूसरी ओर आज सुबह गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मुलाकात की है।

बताया जा रहा है सरकार किसी भी तरह से लोकसभा चुनाव से पहले गुर्जरों को अपने पाले में करना चाहती है।