Jaipur

डूंगरपुर जिले में वृहद कृषि बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के जरिए किसान कर्ज माफी में हुए करीब 125 करोड़ के घोटाले की रिपोर्ट पिछले 4 महीने से राजस्थान सरकार के पास ठंडे बस्ते में पड़ी थी।

लेकिन जैसे ही सहकारी मंत्री उदयलाल आंजना ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक में दोषी अधिकारियों को निलंबित करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए तो अधिकारी शाम होते होते एक्शन में आ गए।

इस मामले में विभाग ने 5 व्यवस्थापकों समेत 6 जनों को निलंबित किया है और दो बैंक प्रबंधकों को चार्जशीट दी गई है।

बताया जा रहा है कि तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार के समय किसान कर्ज माफी के दौरान सहकारिता विभाग ने किसानों को कर्ज माफी की सूचियां ऑनलाइन दी थी।

अकेले डूंगरपुर जिले में ही इन लिस्टों में भारी गड़बड़ी सामने आई थी, लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए जिन्होंने कभी कर लिया ही नहीं था।

कई नाम ऐसे थे जिन्होंने कम कर लिया था, लेकिन कर्ज माफी अधिक दिखाई गई थी।

सरकार के निर्देश के बाद सहकारिता विभाग ने जिले में कृषि बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से लिए गए और कर्ज माफी के मामले में यह पहला बड़ा एक्शन लिया है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में कई उच्च अधिकारियों समेत विधायकों और मंत्रियों के भी हाथ हो सकते हैं।

आपको बता दें कि पिछली सरकार के वक्त राजस्थान में 7174 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ हुए थे।

उस वक्त राज्य सरकार ने सहकारिता बैंकों से लिया गया प्रदेश के सभी उन किसानों का कर्ज माफ किया था, जिनके ऊपर अधिकतम ₹50000 तक का कर्ज था।

दिसंबर में सरकार बदलने के बाद राज्य सरकार ने भी सहकारी समितियों सहकारी बैंकों के माध्यम से लिए गए ₹200000 तक के कर्ज की माफ करने की घोषणा की थी।

हालांकि इस मामले में सरकार ने विशुद्ध आंकड़े कभी जारी नहीं किए हैं।