DIPR पोर्टल को डिपार्टमेंट के कमिश्नर रवि जैन ने बनाया निजी न्यूज़ पोर्टल!

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जयपुर।

आईएएस अधिकारियों की मनमानी क्या होती है, इसका जीता जागता उदाहरण है सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का सरकारी पोर्टल। होटलपोर्टल को देख कर सहज ही समझा जा सकता है, कि डीआईपीआर के कमिश्नर किस कदर अपनी मनमर्जी करने पर तुले हुए हैं।

सरकारी प्रेस रिलीज और महत्वपूर्ण सूचनाओं को जारी करने वाली डीआईपीआर की वेबसाइट को हाल ही में आए नए आयुक्त रवि जैन ने अपना निजी न्यूज़ पोर्टल समझ लिया है।

जहां राज्य सरकार की उपलब्धियां, मुख्यमंत्री की प्रतिदिन की गतिविधियां, मंत्रियों के द्वारा किए जाने वाले कार्यों और सरकार के विभिन्न विकास योजनाओं को समाचार पत्रों के द्वारा जनता तक पहुंचाने के लिए इस पोर्टल का उपयोग किया जाता है।

वहीं कमिश्नर ने इस पोर्टल को पूरी तरह व्यक्तिगत बना दिया है, कमिश्नर की हालिया निजी खबर यहां प्रचारित करने के लिए अपलोड की गई, तो कई सवाल खड़े हो गए।

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राजस्थान सरकार का आईना माने जाने वाले डीआईपीआर पोर्टल पर वे अपने समाज की खबरें भी चला रहे हैं, जिसमें वे मुख्य अतिथि बने हैं। इसमें वे अपने समाज की तारीफ में वक्तव्य भी दे रहे हैं। इस समारोह के आयोजक तथा अन्य निजी व्यक्तियों के भी नाम सरकारी प्रेस रिलीज में शामिल हैं।

 

यही नहीं, 25 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम की खबर उसी दिन तो सरकारी पोर्टल पर चलाई ही गई, 2 दिन बाद 27 सितंबर को भी यही खबर कुछ प्रूफ मिस्टेक सही करने के बाद पुनः चलाई गई (हालांकि उसके बाद भी कई प्रूफ मिस्टेक हैं)। मुख्यमंत्री का विभाग होने के बाद भी अफसरों का ऐसा बेलगाम होना सरकार की साख पर भी बट्टा बैठा रहा है।

 

गौरतलब है कि सुजस के द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापनों को लेकर बीते लंबे समय से तरह तरह के विवाद होते रहे हैं। सरकारी विज्ञापनों क्या दिए जाने को लेकर कई बार आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं।

 

ऐसे में नए आयुक्त रवि जैन के आने के बाद उन विवादों के थमने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन रवि जैन न केवल उन विवादों को थामने में नाकाम रहे, बल्कि उन्होंने इस तरह से अपने समाज की निजी खबरें भी सुजस पर डालकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।