Jaipur

विधानसभा के शून्यकाल में चोरासी विधायक राजकुमार रोत ने 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के दिन पूरे राज्य भर में अवकाश रख बड़े बड़े कार्यक्रमों का आयोजन करने की मांग रखते हुए सरकारो पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि सरकारों को जंगल में कितने जानवर है और कौन सी जगह पर हैं, वह मालूम होता है, पर आदिवासियों के बच्चे गिरवी रखे जाते हैं वह भी पता नहीं रहता है।

उन्होंने बताया कि 25 वर्ष पूर्व UNO द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, परंतु ना तो इस देश की सरकार और ना ही इस राज्य की सरकार ने इस पर ध्यान दिया।

बड़ी-बड़ी कंपनियों और डैम के नाम से आदिवासियों को ही विस्थापित किया जाता है, अगर विश्व को ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से लड़ना है और जीतना है तो आदिवासियों को और उनके अधिकारों को बचाना होगा।

गौरतलब है कि विधायक राजकुमार रोत ने इससे पहले आदिवासियों की जमीनों को छीने जाने के मामले को लेकर भी विधानसभा में आवाज उठाई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच करने का आश्वासन दिया है।

भारतीय ट्राईबल पार्टी के विधायक राजकुमार रोत ने डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़ समेत पूरे आदिवासी इलाकों में आदिवासियों के द्वारा बच्चों को गिरवी रखना का मामला उठाया था।