Jaipur

राजस्थान विश्वविद्यालय और उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी समेत राज्य के कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की चिंता बढ़ गई है।

राज्य सरकार ने उनको हटाने के लिए संशोधित बिल को विधानसभा में पास करवा लिया है।

4 दिन पहले ही राज्य सरकार प्रदेश के गवर्नमेंट यूनिवर्सिटीज में वाइस चांसलर को मनमानी से हटाने के लिए विधानसभा में बिल लेकर आई थी, उस संशोधित बिल को शुक्रवार पास किया गया है।

अब राज्य सरकार किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति को जांच पूरी होने से पहले हटा सकती है, जबकि वॉइस आंसर को हटाने के लिए उसके खिलाफ आरोप, सुनवाई और सरकारी परामर्श जैसे कार्यक्रम को राज्यपाल ही देखेंगे।

किंतु जांच लंबित होने के दौरान भी किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाने के लिए बिल में प्रावधान किए गए हैं।

राजस्थान के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपति पद के लिए अभी तक 10 साल तक प्रोफेसर के पद पर रहने की अनिवार्यता थी, उसको जारी रखा गया है।

जबकि, अब किसी भी प्रतिष्ठित शोध और शैक्षणिक प्रशासनिक संगठन में किसी भी समकक्ष पद पर कम से कम 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले शिक्षाविद को भी कुलपति बनने का मौका मिल जाएगा।

इस बात को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ नारायण लाल गुप्ता ने विरोध जताते हुए कहा है, कि इससे नई परंपरा शुरू हो जाएगी और सरकार बदलने के साथ ही कुलपति भी बदले जाएंगे।

राज्य सरकार कुलपतियों के पद को पॉलीटिकल पोस्ट बनाने जा रही है, जो सरासर गलत है और शिक्षा के लिए अनुचित है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में कहा था कि महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों में भयमुक्त वातावरण स्थापित किया जाएगा और अकादमिक स्वायत्तता तथा स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने जन घोषणा पत्र के पृष्ठ संख्या 11 के बिंदु संख्या 21 पर ध्यान दिलाते हुए कहा है कि महाविद्यालय स्तर के सामान्य कार्मिक प्रशासनिक कार्य भी अब कमिश्नरेट पर केंद्रित हैं। जबकि प्राचार्य की शक्तियों को भी इस बिल में सीमित किया गया है।

आपको बता दें कि राजस्थान के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में से 19 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को हटाए जाने की संभावनाएं प्रबल हो रही है।

इनमें से राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरके कोठारी और उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति सरकार के निशाने पर हैं।

राज्य के अधिकांश सरकारी विवि में अभी तक आरएसएस समर्थक कुलपति माने जाते हैं। उनके खिलाफ राजभवन में एनएसयूआई के द्वारा कई शिकायतें भेजी जा चुकी है।

राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर आरके कोठारी को हटाने के लिए बीते दिनों एनएसयूआई के द्वारा अनशन किया गया था।

जिसके बाद उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही विधानसभा में संशोधित बिल पास करवा कर इन कुलपतियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।