pm kisan nidhi yojana
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जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा इस साल के शुरुआत में बजट के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान​ निधि योजना की घोषणा की गई थी, जिसके ​तहत प्रत्येक किसान को सालाना 6 हजार रुपये की सहायता देय है।

यह 6 हजार रुपया सालभर में तीन किश्तों में किसानों के खातों में जारी किया जा रहा है। किंतु हर योजना की तरह ही इस योजना में भी भ्रष्टाचार सामने आया है। इसकी आशंका जाहिर होते ही केंद्र सरकार ने राज्य के 19 लाख किसानों की तीसरी​ किश्त रोक दी है।

दरअसल, केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पात्रता संबधी कई नियम लगाये गये हैं। जिसके तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी, चाहे वो रिटायर हो गया हो, मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, चाहे वो अभी हो, या पूर्व हो, इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।

लेकिन बावजूद इसके योजना का लाभ सरकारी कर्मचारी भी ले रहे हैं। जिसकी आशंका होने पर केंद्र सरकार ने सहायता पर रोक लगा दी है। यह भी बता दें कि योजना के तहत राजस्थान से 65.74 लाख आवेदन किये गये थे, जिसमें से राज्य सरकार ने 58.35 लाख आवेदन सही मानते हुये उनको केंद्र सरकार के पास भेज दिया था।

इसके बाद केंद्र सरकार ने 43.90 लाख किसानों को पहली किश्त जारी कर दी गई। इसी तरह से 41.75 लाख किसानों की दूसरी किश्त भी जारी की गई, लेकिन तीसरी किश्त जारी करने से पहले आधार कार्ड से मिलान किया गया, तो 19 लाख ऐसे से ज्यादा किसानों के आधार कार्ड मेल नहीं खा रहे हैं, जिसके चलते तीसरी किश्त के केवल 24.51 लाख किसानों को ही दी गई है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया है कि फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन भी किसान की श्रेणी में 6 हजार रुपये सम्मान निधि का लाभ लेने के हकदार हुये हैं। जबकि अमिताभ बच्चन हर साल करोड़ों रुपये कमाते हैं।

नियमानुसार जिसके पास जमीन है, और उक्त ​श्रेणियों में नहीं आता है, वो इस योजना का लाभ ले सकता है। गौर करने वाली बात यह भी है कि राज्य सरकार द्वारा जब इस साल के शुरु में किसान कर्जमाफी की गई थी, तब 8000 हजार सरकारी कर्मचारियों ने भी इसका लाभ ले लिया था।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी गफलत के कारण सरकारी कर्मचारियों ने पैसा नहीं उठा लिया हो, इसके चलते 19 लाख किसानों का पैसा रोका गया है। अब यदि किसी ने गलत लाभ लिया है तो उसके उपर कार्यवाही की जा सकती है।