school of arts jaipur
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प्रमुख शासन सचिव ने किया आर्ट स्कूल का दौरा, पुरातत्व अधिकारियों को दिए निर्देश

जयपुर। सरकार बदलते ही सरकारी प्रोजेक्टों का स्वरूप भी बदल जाता है। ऐसा ही कुछ एक बार फिर पुरातत्व विभाग में नजर आ रहा है।

पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री का के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में माने जाने वाले आर्ट स्कूल पर नई सरकार ने नजरें फेर ली है और नई सरकार अब इसके उपयोग में परिवर्तन की सोच रखती है।

आर्ट स्कूल के उपयोग में परिवर्तन के लिए आज पर्यटन कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने स्कूल का दौरा किया।

इस दौरान उनके साथ पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

पुरातत्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि विभाग अब आर्ट स्कूल के उपयोग परिवर्तन की सोच रहा है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद््देश्य से इसे कला संग्रहालय के रूप में तैयार कराया गया था, लेकिन यह संग्रहालय अभी तक पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पाया।

सूत्र बताते हैं कि संग्रहालय के नाम पर यहां हैण्डीक्राफ्ट की दुकानें खोल दी गई, लेकिन वह भी नहीं चल पाई।
अब यह हो सकता है उपयोग

जानकारी के अनुसार आर्ट स्कूल में अब हैण्डीक्राफ्ट की दुकानों को बंद किया जा सकता है। इसकी जगह अब यहां आर्ट गैलरी खोली जा सकती है।

इसी के चलते जवाहर कला केंद्र के अधिकारी भी इस विजिट में शमिल रहे, ताकि यहां नई गैलरी खोले जाने की संभावना को तलाशा जा सके।

इसका फायदा यह होगा कि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए पर्यटकों के बीच उपयुक्त स्थान मिल जाएगा।

अभी तक यहां हैण्डीक्राफ्ट की दुकानें चलती थी, लेकिन पर्यटक राजस्थान में आते ही हैण्डीक्राफ्ट की दुकानों और उनपर होने वाली लूट से इतने परेशान हो जाया करते हैं कि हैण्डीक्राफ्ट के नाम से तौबा कर लेते हैं।

इसी कारण से यह संग्रहालय भी नहीं चल पाया, लेकिन पुरातत्व अधिकारियों का मानना है कि आर्ट एग्जिबिशन देखने के लिए पर्यटक जरूर यहां पहुंचेंगे।
पुरानी विधानसभा का भी दौरा

आर्ट स्कूल के बाद गुहा ने अधिकारियों के साथ छोटी चौपड़ पर जयपुर मेट्रो की ओर से मेट्रो स्टेशन पर तैयार कराए गए संग्रहालय का भी दौरा किया।

इसके बाद वह सिरह ड््योढ़ी बाजार स्थित पुरानी विधानसभा भवन पहुंची और उसे खुलवाकर वहां कराए गए कार्यों का भी निरीक्षण किया।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा की पीयूसी कमेटी ने भी पुरातत्व विभाग से पुरानी विधानसभा इमारत की वस्तुस्थिति, विभाग द्वारा यहां कार्य पूरे कराए जाने के प्रयास आदि के संबंध में जवाब मांग रखा है।
इसलिए आई यह सोच

विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी तक लोकल कलाकारों को अपनी आर्ट का प्रदर्शन करने के लिए जवाहर कला केंद्र और कुछ अन्य प्राइवेट आर्ट गैलरियों में जगह मिलती थी, जो कि परकोटे से बाहर है।

जबकि जयपुर में आने वाले पर्यटक प्रमुख रूप से स्मारकों और परकोटे तक ही सीमित रहते हैं। ऐसे में यदि यहां आर्ट गैलरी संचालित की जाती है तो पर्यटकों के घूमने के लिए और राजस्थान की कला-संस्कृति को देखने के लिए अच्छी जगह साबित होगी।
छात्र मांग रहे हैं पुराना भवन

आर्ट स्कूल को पिछली सरकार ने मरम्मत के नाम पर खाली कराया, स्कूल को सरस संकुल में जगह दे दी गई और इस प्राचीन इमारत में कुछ ऊंची पहुंच वाले कलाकारों को जगह दे दी गई।

इमारत की मरम्मत के बाद से ही आर्ट स्कूल के छात्रों ने इस इमारत को वापस मांगना शुरू कर दिया था।

छात्रों का कहना था कि नई इमारत में उन्हें कला का माहौल नजर नहीं आता है।

ऐसे में उन्हें पुरानी इमारत लौटाई जाए। छात्रों की यूनियन ने इमारत वापस लेने के लिए पिछली सरकार में मंत्रियों और अधिकारियों को सैंकड़ों ज्ञापन भी दिए, लेकिन खोटी नीयत के आगे छात्रों की कहां चलती।

अभी भी पुरातत्व अधिकारी इस इमारत में नए-नए प्रयोग करना चाहते हैं। जबकि डेढ़ सौ वर्ष पुराना महाविद्यालय होने के कारण यह स्कूल भी अपने आप में पुरामहत्व का था।