नई दिल्ली।

केंद्रीय बजट के एक दिन बाद ही देश के सोने के भाव में बहुत तेजी देखी गई।

6 साल बाद एक दिन में सोना तेरा ₹100 प्रति 10 ग्राम की उछाल के साथ ₹35470 तक पहुंच गया।

इससे पहले 28 अगस्त 2013 को भी सोने के भाव 35000 के पार चले गए थे।

केंद्रीय बजट में गोल्ड पर सीमा शुल्क 10 परसेंट से बढ़ाकर 12:30 परसेंट करने के बाद शनिवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 1300 रुपए की जबरदस्त उछाल सामने आई।

इसके साथ ही चांदी भी इस हफ्ते के उच्चतम स्तर पर, यानी ₹38800 प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

विदेशों में इस सप्ताह के अंत तक सोने में भारी गिरावट देखी गई, लेकिन भारतीय बाजारों में सोने के भाव बजट के बाद बढ़ गए।

बताया जा रहा है कि रुपए की कमजोरी और शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से सोने के भाव में यह उछाल आई है।

इधर निर्मला सीतारमण का दावा है कि पेट्रोल-डीजल पर जो एक्स्ट्रा एक्साइज लगाने के काम किया गया है, उसके बाद भी लोगों पर महंगाई का भार नहीं पड़ेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि महंगाई एक समय तक बेहद जरूरी है और यह अर्थव्यवस्था के लिए ठीक है।

लेकिन महंगाई का उच्चतम स्तर और निमृत दोनों ही अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है।

उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार को महंगाई पर अच्छे से नियंत्रण करना आता है। इसलिए इसके लिए ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी 1 साल के भीतर महंगाई की दर को काबू कर 4% कर दिया गया था। इसलिए अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि गोल्ड के ऊपर से और डीजल पेट्रोल पर आने से विदेशी मुद्रा बाहर जा रही है, लेकिन यह सोने की वजह से नहीं है।

सोना अमीर लोगों के लिए बेतहाशा फायदे का सौदा हो सकता है, लेकिन इससे गरीबों के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और देश के ढांचागत सुविधाओं में यह धन कमा सकेगा।

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर और घरेलू बाजार में रुपए की कमजोरी के चलते सोने के भाव बढ़े हैं।

इसके साथ ही शादियों का सीजन शुरू हो चुका है और हाजिर बाजार में भी सोने की खरीदारी ज्यादा हो रही है।

केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने में खरीद के कारण भी मांग में इजाफा हुआ है, जिसके कारण सोना महंगा हुआ है।

दूसरी तरफ ग्लोबल तनाव वाली स्थिति के कारण सोने की चमक अभी और बढ़ेगी।